असम विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी की सीट शेयरिंग फॉर्मूला लगभग फाइनल
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: असम की राजनीति में एक अहम हलचल देखने को मिल रही है। असम के मुख्यमंत्री हिमांत बिस्वा सरमा ने संकेत दिया है कि असम विधानसभा चुनाव के लिए एजीपी और बीजेपी का गठबंधन 10 मार्च तक अंतिम रूप ले सकता है।
एजीपी, यानी असोम गण परिषद, लंबे समय से असम में बीजेपी की सहयोगी रही है और यह एनडीए की संस्थापक सदस्य भी है। सूत्रों के अनुसार, कुछ सीटों पर दोनों दलों के स्थानीय कार्यकर्ताओं की इच्छा को ध्यान में रखते हुए दोस्ताना मुकाबला भी हो सकता है।
बीजेपी 10 मार्च तक बीपीएफ के साथ भी सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप दे सकती है। बोड़ोलैंड पीपल्स फ्रन्ट (बीपीएफ) पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ थी, लेकिन इस बार वह एनडीए में शामिल हो गई है।
वहीं, बोडोलैंड क्षेत्र की एक अन्य पार्टी यूपीपीएल के साथ बीजेपी की सीटों को लेकर बातचीत अभी अटकी हुई है। हालांकि मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि यूपीपीएल कांग्रेस के साथ नहीं जाएगी।
दूसरी ओर, कांग्रेस को भी गठबंधन को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अखिल गोगोई के नेतृत्व वाली राइजोर दल के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन बात अभी पूरी तरह से बनती नहीं दिख रही है।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, असम जातीय परिषद (एजेपी) और वाम दलों के साथ सीटों का बंटवारा लगभग तय हो चुका है। अब पार्टी हाईकमान की घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।
