मुंबई इंडियंस के बैटिंग कोच कीरोन पोलार्ड ने बुमराह का किया बचाव, ‘उनका भी खराब दौर आ सकता है’

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: आठ मैच, 180 गेंदें, सिर्फ 2 विकेट और स्ट्राइक रेट 90- जसप्रीत बुमराह के लिए IPL 2026 अब तक किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। पिछले कुछ वर्षों में बुमराह ने अपने प्रदर्शन का जो ऊँचा स्तर तय किया है, उसके मुकाबले यह सीज़न उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है। आम तौर पर मुंबई इंडियंस की सफलता बुमराह की धारदार और किफायती गेंदबाज़ी से जुड़ी रही है, लेकिन इस बार दोनों ही संघर्ष करते नज़र आ रहे हैं।
2015 के बाद पहली बार बुमराह का इकॉनमी रेट आठ रन प्रति ओवर से ऊपर चला गया है, जो फिलहाल 8.80 है। यह आंकड़ा भले ही कई गेंदबाज़ों के लिए संतोषजनक हो, लेकिन बुमराह के स्तर के खिलाड़ी के लिए यह गिरावट चिंता का विषय है। इससे भी बड़ी परेशानी उनका विकेट न निकाल पाना है, जिसका सीधा असर टीम के प्रदर्शन पर पड़ रहा है।
हाल ही में SRH के खिलाफ हार के बाद टीम के बैटिंग कोच कीरोन पोलार्ड ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बुमराह के प्रदर्शन को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा:
“जब कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा होता, तो हम हर पहलू को देखते हैं कि वजह क्या है। और जसप्रीत बुमराह के मामले में भी यही होता है। उन्होंने सालों तक शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन आखिरकार वह भी इंसान हैं। उन्हें भी कभी-कभी गलतियां करने, खराब दिन या खराब दौर से गुजरने का अधिकार है। ऐसे समय में हमें उनके पिछले योगदान को नहीं भूलना चाहिए। हां, हम वर्तमान में जीते हैं और वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं, लेकिन लंबे समय तक वह मुंबई इंडियंस और भारत के नंबर एक गेंदबाज़ रहे हैं।”
पोलार्ड ने टीम के समग्र प्रदर्शन पर भी ईमानदारी से बात की। उन्होंने माना कि टीम अब तक “पूरी तरह संतुलित क्रिकेट” नहीं खेल पाई है, जिसका असर नतीजों में साफ दिख रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि ड्रेसिंग रूम में अब भी लड़ने का जज़्बा कायम है।
“हम उतने लगातार नहीं रहे, जितनी उम्मीद थी, और नतीजे उसी का प्रतिबिंब हैं। सच यह है कि हम एक टीम के रूप में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। हमें हर विभाग में मिलकर बेहतर करना होगा। मैच जीतने के लिए आपको हर पहलू में अच्छा खेल दिखाना पड़ता है।”
उन्होंने आगे कहा, “हम मैच जरूर हारे हैं, लेकिन हमने हार नहीं मानी है। हम अभी भी टूर्नामेंट में बने हुए हैं — गणितीय रूप से भी और मानसिक रूप से भी। ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ी अब भी लड़ने के लिए तैयार हैं। हमारा फोकस यही है कि हम वापसी करें और देखें कि इस टूर्नामेंट में हम कितनी दूर तक जा सकते हैं।”
मुंबई इंडियंस के लिए अब आगे का हर मैच अहम है। छह मैच बाकी हैं, और अगर टीम जीत की लय पकड़ लेती है, तो प्लेऑफ की उम्मीदें अभी भी ज़िंदा हैं।
