बिहार में अब अपराधियों की खैर नहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का कानून व्यवस्था पर सख्त निर्देश
चिरौरी न्यूज
पटना: बिहार में अब अपराधियों की खैर नहीं दिख रही है। राज्य में लगातार हो रहे पुलिस एनकाउंटर ने साफ संकेत दे दिया है कि नई सरकार अपराध और अपराधियों के खिलाफ “ज़ीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है। पिछले 5 दिनों में 6 अपराधियों के एनकाउंटर और 37 दिनों में कुल 11 बड़ी पुलिस कार्रवाइयों ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक, अब बिहार में “योगी मॉडल” जैसी सख्ती की चर्चा तेज हो गई है।
ताजा मामला जहानाबाद का है, जहां गुरुवार देर रात कुख्यात अपराधी बिक्कू सिंह उर्फ रावण पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। पुलिस उसे हत्या के एक मामले में इस्तेमाल हथियार बरामद कराने घोसी थाना क्षेत्र के धुरियारी गांव ले गई थी। इसी दौरान बिक्कू सिंह ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। एक गोली थाना प्रभारी की गाड़ी में लगी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई और बिक्कू सिंह के पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दरअसल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहले ही साफ संदेश दे चुके हैं—“अगर अपराधी गोली चलाएंगे, तो गोली खाएंगे।” यही वजह है कि बिहार पुलिस अब एक्शन मोड में दिखाई दे रही है। अपराधियों की धरपकड़ के साथ-साथ मुठभेड़ों में भी तेजी आई है।
सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से अब तक राज्य में 11 बड़े एनकाउंटर हो चुके हैं। इनमें हत्या, लूट, रंगदारी और फायरिंग जैसी वारदातों में शामिल अपराधियों पर पुलिस ने कार्रवाई की है। कई मामलों में अपराधी घायल हुए, जबकि कुछ ढेर भी कर दिए गए।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को ही एक कार्यक्रम में बिहार पुलिस को खुली छूट देने के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा कि जो अपराधी पुलिस को चुनौती देगा, उसे जवाब देने में 48 घंटे से ज्यादा नहीं लगना चाहिए। साथ ही उन्होंने पुलिस को आधुनिक बनाने के लिए हर जरूरी संसाधन देने की बात भी कही।
लगातार हो रही इन कार्रवाइयों ने यह साफ कर दिया है कि बिहार में अब अपराधियों के लिए पहले जैसा माहौल नहीं रहा। सरकार और पुलिस दोनों का संदेश स्पष्ट है—कानून तोड़ने वालों के खिलाफ अब सीधी और सख्त कार्रवाई होगी।
