आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अदालत का आज आएगा फैसला, लालू परिवार के लिए अहम दिन
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में आज होने वाली सुनवाई पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अदालत आज ऐसा फैसला सुना सकती है, जिसका सीधा असर बिहार की राजनीति और लालू परिवार की कानूनी मुश्किलों पर पड़ सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व सीएम राबड़ी देवी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कई आरोपियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुका है। ऐसे में आज की सुनवाई को बेहद अहम माना जा रहा है।
इस मामले में 6 मई को भी सुनवाई हुई थी, लेकिन उस दिन कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखते हुए आदेश टाल दिया था। अब 22 मई को अदालत अपना रुख साफ कर सकती है। माना जा रहा है कि कोर्ट आरोप तय करने की प्रक्रिया और ईडी की ओर से पेश किए गए सबूतों पर बड़ा निर्णय ले सकती है।
इधर, लालू परिवार ने भी कानूनी मोर्चे पर अपनी लड़ाई तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में निचली अदालत द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप तय किए जाने के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। वहीं ईडी का दावा है कि उसके पास मनी लॉन्ड्रिंग और कथित अनियमितताओं से जुड़े मजबूत और ठोस सबूत मौजूद हैं, जो मामले को और गंभीर बनाते हैं।
क्या है पूरा मामला?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह मामला उस दौर का है जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 के बीच केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि आईआरसीटीसी के तहत रांची और पुरी स्थित दो होटलों के संचालन के लिए दिए गए टेंडर में नियमों की अनदेखी की गई। जांच एजेंसियों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में कुछ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के बदले जमीन और अन्य लाभ लिए गए।
सीबीआई जहां इस मामले में भ्रष्टाचार की जांच कर रही है, वहीं ईडी इसे मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़कर देख रही है। एजेंसी का दावा है कि कथित घोटाले से जुड़े पैसों और संपत्तियों के लेन-देन की परतें धीरे-धीरे सामने आ रही हैं। हालांकि लालू परिवार लगातार इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताता रहा है।
अब सबकी नजरें आज कोर्ट के फैसले पर हैं, क्योंकि यह सुनवाई सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
