शांगरी-ला डायलॉग में अमेरिका का बड़ा बयान: भारत को बताया शक्तिशाली, सैन्य आधुनिकीकरण की सराहना की

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शनिवार को भारत की सैन्य क्षमताओं और उसके तेजी से हो रहे आधुनिकीकरण की खुलकर प्रशंसा की। सिंगापुर में आयोजित प्रतिष्ठित शांगरी-ला डायलॉग को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत न केवल एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में उभर रहा है, बल्कि वह अपनी सेना को आधुनिक बनाने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियानों को लंबे समय तक संचालित करने की क्षमता भी विकसित कर रहा है।
हेगसेथ ने कहा, “भारत एक शक्तिशाली देश है और अपनी सैन्य ताकत को लगातार आधुनिक बना रहा है।” उन्होंने विशेष रूप से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि नई दिल्ली क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने भारत की औद्योगिक और लॉजिस्टिक क्षमताओं की भी सराहना की। उनके अनुसार, भारत बड़े सैन्य अभियानों को समर्थन देने के लिए मजबूत विनिर्माण, आपूर्ति श्रृंखला और लॉजिस्टिक ढांचे का निर्माण कर रहा है, जो उसकी रक्षा तैयारियों को और मजबूत बनाता है।
रक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की तैयारी
हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका और भारत रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देश रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के उद्देश्य से सह-उत्पादन (Co-production) और रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हमने भारत के साथ रक्षा क्षमताओं के विकास के लिए सह-उत्पादन को बढ़ावा देने का संकल्प लिया है।” साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका स्वयं अपने रक्षा उद्योग में विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने और आपूर्ति श्रृंखला को अधिक लचीला बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर अमेरिका का स्पष्ट संदेश
अपने संबोधन में हेगसेथ ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र को दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता काफी हद तक अमेरिकी सैन्य उपस्थिति और उसके सहयोगी देशों के साथ साझेदारी पर निर्भर करती है।
उन्होंने क्षेत्रीय देशों से अपनी रक्षा तैयारियों में अधिक निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल में मजबूत रक्षा क्षमताएं समय की आवश्यकता हैं।
चीन पर भी दिया संकेत
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने चीन का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में अमेरिका और चीन के संबंध पिछले कुछ वर्षों की तुलना में बेहतर हुए हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी देश, चाहे वह चीन ही क्यों न हो, क्षेत्र में अपना वर्चस्व स्थापित नहीं कर सकता और न ही अमेरिका या उसके सहयोगी देशों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।
उन्होंने कहा, “चीन सहित कोई भी देश ऐसा नहीं है जो अपना प्रभुत्व थोप सके या हमारे राष्ट्र और हमारे सहयोगियों की सुरक्षा को चुनौती दे सके।”
वैश्विक चुनौतियों के बीच रणनीतिक संदेश
हेगसेथ का यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया कई मोर्चों पर बढ़ते तनाव का सामना कर रही है। पश्चिम एशिया और यूरोप में जारी संघर्षों के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र की रणनीतिक अहमियत लगातार बढ़ रही है। ऐसे माहौल में अमेरिका ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि उसकी दीर्घकालिक रणनीतिक प्राथमिकताओं में यह क्षेत्र सबसे ऊपर बना हुआ है।
गौरतलब है कि इस वर्ष का शांगरी-ला डायलॉग 44 देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, रक्षा मंत्रियों, सैन्य अधिकारियों और रणनीतिक विशेषज्ञों को एक मंच पर लेकर आया है। यह सम्मेलन वैश्विक सुरक्षा, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए दुनिया के सबसे प्रभावशाली मंचों में से एक माना जाता है।
