कोलकाता के कॉलेज में करोड़ों की नकदी, आलीशान कमरे और हथियार मिलने से मचा हड़कंप
चिरौरी न्यूज
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक शिक्षण संस्थानों में शामिल सुरेंद्रनाथ कॉलेज में करोड़ों रुपये की नकदी, आलीशान एसी कमरे, शराब की बोतलें, कंडोम के पैकेट और एक रिवॉल्वर बरामद होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना ने राज्य के कॉलेजों में छात्र राजनीति और कथित भ्रष्टाचार को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
जानकारी के अनुसार, कॉलेज के छात्रसंघ कक्ष को लगभग एक वर्ष बाद खोला गया। वर्ष 2025 में कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद इस कमरे को बंद कर दिया गया था। अदालत ने राज्य के सभी कॉलेजों में छात्रसंघ कक्ष बंद करने का निर्देश दिया था क्योंकि वर्ष 2019 के बाद से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए थे।
हाल ही में सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने कॉलेजों में छात्रसंघ निधि के खर्च का ऑडिट कराने का निर्देश दिया था। इसी क्रम में कॉलेज प्रशासन ने मंगलवार को छात्रसंघ कक्ष की सफाई शुरू कराई, जिसके दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए।
छात्रसंघ कक्ष से मिली एक करोड़ रुपये की नकदी
कॉलेज के छात्रसंघ कक्ष में रखी एक पुरानी लकड़ी की अलमारी से दो बड़े बक्से बरामद हुए। इन बक्सों में 100 और 500 रुपये के नोटों की गड्डियां भरी हुई थीं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार नकदी की राशि करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। नकदी का एक बड़ा हिस्सा दीमक लगने के कारण खराब हो चुका था, जिससे संकेत मिलता है कि पैसा लंबे समय से वहां रखा गया था।
भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि यह रकम कॉलेज में प्रवेश दिलाने के नाम पर चल रहे कथित घोटाले से जुड़ी हो सकती है।
कॉलेज परिसर में मिले दो आलीशान एसी बेडरूम
नकदी मिलने के बाद कॉलेज परिसर की व्यापक तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कॉलेज के भीतर दो अर्ध-सुसज्जित एसी बेडरूम भी मिले। इन कमरों में एयर कंडीशनर, संलग्न बाथरूम, महंगे गद्दे, बिस्तर और अन्य सुविधाएं मौजूद थीं।
कॉलेज प्रशासन का आरोप है कि इन कमरों का इस्तेमाल तृणमूल कांग्रेस के प्रभावशाली नेता देबाशीष बंद्योपाध्याय उर्फ कानकाटा देबू और उनके पुत्र शिबाशीष बंद्योपाध्याय द्वारा किया जाता था। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे इन नेताओं की मालिश तक करवाई जाती थी।
हालांकि, देबाशीष बंद्योपाध्याय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें ऐसे किसी कमरे की जानकारी नहीं है।
शराब की बोतलें, कंडोम और रिवॉल्वर भी बरामद
मामला तब और गंभीर हो गया जब कॉलेज की छत से कई शराब की बोतलें बरामद हुईं। इसके अलावा छात्र कॉमन रूम से कंडोम के पैकेट भी मिले। सबसे सनसनीखेज बरामदगी छात्रसंघ कक्ष से हुई, जहां एक काले पैकेट में छिपाकर रखी गई रिवॉल्वर मिली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हथियार को जब्त कर लिया।
भाजपा ने की जांच की मांग
भाजपा विधायक सजल घोष ने इस पूरे मामले की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि कॉलेज में प्रवेश दिलाने के नाम पर छात्रों से लाखों रुपये वसूले जाते थे और यह पैसा राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों तक पहुंचता था।
सजल घोष ने कहा कि छात्रसंघ शुल्क के रूप में प्रति छात्र केवल 50 से 100 रुपये ही लिए जाते हैं। ऐसे में केवल छात्रसंघ निधि से इतनी बड़ी राशि जमा होना संभव नहीं है।
वर्षों से लगते रहे हैं अवैध वसूली के आरोप
पश्चिम बंगाल के विभिन्न कॉलेजों में वर्षों से छात्र नेताओं पर प्रवेश दिलाने के नाम पर 20 हजार से 50 हजार रुपये तक वसूलने के आरोप लगते रहे हैं। वर्ष 2017 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने भी तृणमूल छात्र परिषद को ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी थी।
हालांकि, आरोप है कि छात्रसंघ चुनाव नहीं होने के बावजूद विभिन्न कॉलेज परिसरों में राजनीतिक छात्र नेताओं का प्रभाव लगातार बना रहा। कई शिक्षकों और कर्मचारियों का कहना है कि छात्रसंघ कक्ष निजी कार्यालयों की तरह संचालित किए जा रहे थे और नियमों का पालन न करने वालों को प्रताड़ित किया जाता था।
और खुलासों की आशंका
राज्य सरकार द्वारा सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्रसंघ फंड का ऑडिट कराने के आदेश के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी कई शिक्षण संस्थानों से इसी तरह के चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं।
सुरेंद्रनाथ कॉलेज की घटना ने एक बार फिर शिक्षा संस्थानों में राजनीतिक हस्तक्षेप, वित्तीय अनियमितताओं और छात्र राजनीति की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
