‘पेड्डी’ पर बढ़ा विवाद: जाह्नवी कपूर के चित्रण को लेकर सोशल मीडिया पर भड़के दर्शक
चिरौरी न्यूज
मुंबई: अभिनेता राम चरण और अभिनेत्री जाह्नवी कपूर अभिनीत स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ‘पेड्डी’ 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। फिल्म को लेकर दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं, लेकिन सबसे अधिक चर्चा जाह्नवी कपूर के किरदार अचियम्मा के चित्रण को लेकर हो रही है। सोशल मीडिया पर कई दर्शकों ने फिल्म पर महिला किरदार के वस्तुकरण (ऑब्जेक्टिफिकेशन) का आरोप लगाया है।
दर्शकों का कहना है कि फिल्म में अचियम्मा के किरदार को कहानी में कोई ठोस भूमिका नहीं दी गई है और उसे मुख्य रूप से पुरुष पात्रों की चाहत के केंद्र के रूप में पेश किया गया है। आलोचकों के अनुसार, इससे किरदार की स्वतंत्र पहचान और प्रभाव कमजोर पड़ जाता है।
सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा, “फिल्मों में अभिनेत्रियों का यौनिक चित्रण बंद होना चाहिए। एक दृश्य में नायक उसके चेहरे की तारीफ करता है, लेकिन कैमरा उसकी कमर और सीने पर फोकस करता है।” वहीं एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “नायिका एक मजबूत किरदार की हकदार थी, लेकिन उसे सिर्फ अशोभनीय और अपमानजनक दृश्यों का हिस्सा बना दिया गया। यह न तो बोल्ड है और न ही ग्लैमरस, बल्कि कमजोर लेखन का उदाहरण है।”
कुछ दर्शकों ने फिल्म के विशेष दृश्यों पर भी आपत्ति जताई है। एक यूजर ने लिखा कि एक दृश्य में राम चरण का किरदार जाह्नवी कपूर की आंखों और होंठों की तारीफ करता है, लेकिन कैमरा बार-बार उनके शरीर के अन्य हिस्सों पर केंद्रित होता है। वहीं दूसरे यूजर ने एक ऐसे दृश्य की आलोचना की जिसमें कथित तौर पर एक गुंडा सार्वजनिक रूप से अचियम्मा को अपमानित करने की कोशिश करता है।
फिल्म की आलोचना केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रही। समीक्षकों ने भी जाह्नवी कपूर के किरदार के प्रस्तुतीकरण पर सवाल उठाए हैं। समीक्षाओं में कहा गया है कि पहले हाफ में अचियम्मा की भूमिका प्रभावहीन नजर आती है और उनके शरीर पर अत्यधिक कैमरा फोकस अनावश्यक प्रतीत होता है।
‘पेड्डी’ का निर्देशन बुच्ची बाबू सना ने किया है। फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर के अलावा विजय सेतुपति, बोमन ईरानी, दिव्येंदु और जगपति बाबू भी अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं।
फिल्म को लेकर जारी बहस ने एक बार फिर भारतीय सिनेमा में महिला पात्रों के चित्रण और उनकी भूमिका को लेकर चर्चा छेड़ दी है।
