सूर्यकुमार यादव ने मुंबई इंडियंस से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट की, क्या टूट सकता है नाता!
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज़ सूर्यकुमार यादव के लिए मौजूदा दौर बेहद चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है। हाल ही में भारतीय टी20 टीम की कप्तानी गंवाने और राष्ट्रीय टीम से बाहर होने के बाद अब उनके भविष्य को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ताज़ा अटकलें यह संकेत दे रही हैं कि उनका लंबे समय से जुड़ा रिश्ता मुंबई इंडियंस के साथ भी समाप्त हो सकता है।
सोमवार सुबह क्रिकेट प्रशंसकों ने सूर्यकुमार यादव के इंस्टाग्राम प्रोफाइल में एक बड़ा बदलाव नोटिस किया। उनके अकाउंट पर न तो मुंबई इंडियंस से जुड़ी तस्वीरें दिखाई दीं और न ही फ्रेंचाइजी का कोई उल्लेख। इतना ही नहीं, उन्होंने कथित तौर पर मुंबई इंडियंस और टीम के कप्तान हार्दिक पाण्ड्या के अकाउंट को भी फॉलो करना बंद कर दिया है। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके फ्रेंचाइजी छोड़ने की अटकलों ने जोर पकड़ लिया।
सूर्यकुमार 2018 में कोलकाता नाइट राइडर्स से मुंबई इंडियंस में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने खुद को टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ों में शामिल किया और कई यादगार पारियां खेलीं। हालांकि, आईपीएल 2026 उनके लिए बेहद निराशाजनक रहा। उन्होंने पूरे सीजन में 20.77 की औसत से केवल 270 रन बनाए और महज दो अर्धशतक जड़ सके। टीम का प्रदर्शन भी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा और मुंबई इंडियंस 10 टीमों की अंक तालिका में नौवें स्थान पर रही।
इन घटनाक्रमों के बीच भारतीय टी20 टीम में सूर्यकुमार की जगह श्रेयस अय्यर को मौका दिए जाने के फैसले ने भी बहस छेड़ दी है। इस फैसले पर भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर अश्विन ने सवाल उठाए हैं।
ESPNcricinfo के अनुसार, अश्विन ने कहा कि वह सूर्यकुमार की मानसिक स्थिति को समझ सकते हैं। उनके मुताबिक, किसी भी खिलाड़ी के लिए टीम से बाहर किया जाना बेहद कठिन होता है और ऐसे समय में निराशा महसूस करना स्वाभाविक है।
अश्विन ने कहा, “मैं खुद को सूर्यकुमार की जगह रखकर सोचता हूं। पिछले 15-18 महीनों में उनकी बल्लेबाजी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही होगी, लेकिन इसके बावजूद वह उस भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने टी20 विश्व कप जीता था। ऐसे में जिस तरह यह फैसला लिया गया है, वह मुझे थोड़ा चिंतित करता है।”
पूर्व भारतीय स्पिनर का मानना है कि चयनकर्ताओं ने शायद इस बात को पर्याप्त महत्व नहीं दिया कि सूर्यकुमार विश्व कप विजेता टीम के अहम सदस्य रहे हैं। भले ही टूर्नामेंट में उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन असाधारण नहीं रहा हो, लेकिन टीम की सफलता में उनकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
अश्विन ने आगे कहा, “किसी भी विश्व कप विजेता टीम में हर खिलाड़ी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। चाहे वह कोच हो, कप्तान हो, उपकप्तान हो, सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ या गेंदबाज़ हो—हर किसी का योगदान टीम को चैंपियन बनाता है। सूर्यकुमार भी उस सफलता का अभिन्न हिस्सा रहे हैं।”
अब सवाल यह है कि क्या सूर्यकुमार यादव इस कठिन दौर से उबरकर भारतीय टीम में अपनी जगह दोबारा बना पाएंगे, या फिर उनके करियर का यह सबसे चुनौतीपूर्ण मोड़ साबित होगा। आने वाले महीनों में उनके प्रदर्शन और फैसले ही इस सवाल का जवाब देंगे।
