भारत तिवारी एनकाउंटर मामला: जेडीयू और भाजपा ने कहा, किसी के साथ अन्याय नहीं होगा, निष्पक्ष जांच होगी
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: बिहार में चर्चित भारत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस बीच सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) और भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जा रही है तथा किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि अब तक जो निलंबन और अनुशासनात्मक कदम उठाए गए हैं, वे इस बात का संकेत हैं कि सरकार पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच चाहती है।
राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, “एडीजी के बयान से भी स्पष्ट है कि स्थानीय पुलिस की भूमिका को पूरी तरह सही नहीं ठहराया गया है। मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे थे, जिसके बाद सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए एक सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की है। बिहार में किसी के साथ अन्याय नहीं होगा, यह सुशासन सरकार का वादा है।”
जांच पूरी होने तक इंतजार करें: देवेश चंद्र ठाकुर
जेडीयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने लोगों से जल्दबाजी में निष्कर्ष नहीं निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन जांच के नतीजे सामने आने से पहले सरकार पर सवाल उठाना उचित नहीं होगा।
उन्होंने कहा, “मामले की जांच के आदेश दिए जा चुके हैं और हाईकोर्ट ने भी इसका संज्ञान लिया है। ऐसे में जांच रिपोर्ट आने तक सभी को धैर्य रखना चाहिए।”
भारत तिवारी को मिलेगा न्याय: शाहनवाज हुसैन
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने भी भरोसा दिलाया कि भारत तिवारी को न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि मामले में न्यायिक जांच के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं और सरकार पूरी गंभीरता से जांच करवा रही है।
शाहनवाज हुसैन ने कहा, “भारत तिवारी को पूरा न्याय मिलेगा। इस एनकाउंटर को लेकर लोगों में काफी नाराजगी है। इसलिए सभी को जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए। हम भारत तिवारी के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।”
वैज्ञानिक और न्यायिक स्तर पर हो रही जांच
इस बीच बिहार सरकार ने मामले की जांच तेज कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में वैज्ञानिक और न्यायिक दोनों प्रक्रियाओं का सहारा लिया जा रहा है ताकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष, व्यापक और तथ्यात्मक जांच सुनिश्चित की जा सके।
सरकार का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या दोष पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
