संसद के गतिरोध पर सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत तेज, किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से की मुलाकात
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत का दौर तेज हो गया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लगातार दूसरे दिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर गतिरोध समाप्त करने के मुद्दे पर चर्चा की।
सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के उपायों पर बातचीत हुई। इस दौरान महिला आरक्षण और परिसीमन (डिलिमिटेशन) जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने कहा कि वह इस विषय पर पहले इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) के सभी दलों से चर्चा करेंगे, उसके बाद सरकार के साथ आगे की बातचीत करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार के पास संबंधित विधेयक पारित कराने के लिए आवश्यक संख्या बल मौजूद है, लेकिन कांग्रेस प्रमुख विपक्षी दल होने के कारण सरकार चाहती है कि इस मुद्दे पर कांग्रेस का भी समर्थन हासिल किया जाए।
मानसून सत्र के दौरान सरकार और कांग्रेस के बीच परिसीमन तथा संसद की कार्यवाही को लेकर लगातार टकराव देखने को मिला है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार चर्चा से बच रही है और भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, बशर्ते सरकार भी अपनी जिम्मेदारियां निभाए।
इस बीच किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी को लेकर विपक्ष के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सुबह से शाम तक संसद में मौजूद रहते हैं और केवल शाम को ही निकलते हैं। विधेयक पारित हो रहे हैं और कई सांसद चर्चाओं में भाग ले रहे हैं। नए कांग्रेस सांसदों को इसका नुकसान हो रहा है क्योंकि उन्हें बोलने का अवसर नहीं मिल रहा। जिस मुद्दे का समाधान काफी पहले हो चुका है, उसी को लेकर विपक्ष हर सुबह नाटक करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों के हित में ऐतिहासिक फैसला लिया, लेकिन विपक्ष सुबह-सुबह आकर भगवान राम का अपमान करता है।”
राहुल गांधी से मुलाकात पर रिजिजू ने कहा, “लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ मेरी अच्छी बातचीत हुई। हम कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के साथ संवाद जारी रखना चाहते हैं। हम राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं, दुश्मन नहीं। हम राष्ट्रीय हित में काम करना चाहते हैं। गृह मंत्री सुबह से शाम तक संसद में मौजूद रहते हैं।”
उधर, 6 अगस्त को विपक्षी दलों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही एक बार स्थगित होने के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया।
हंगामे के बीच लोकसभा ने ‘कराधान तथा अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026’ को बिना चर्चा के पारित कर दिया।
गौरतलब है कि मानसून सत्र की शुरुआत से अब तक लगातार व्यवधान के कारण प्रश्नकाल और शून्यकाल एक भी दिन सुचारु रूप से नहीं चल पाए हैं।
