अमरनाथ यात्रा 2026: 670 से अधिक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की कंपनियां की तैनाती के बीच शुरू हुई पवित्र यात्रा
चिरौरी न्यूज
श्रीनगर: वार्षिक अमरनाथ यात्रा 2026 शुक्रवार से कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच शुरू हो गई। 57 दिनों तक चलने वाली यह पवित्र यात्रा 28 अगस्त को संपन्न होगी। इस वर्ष यात्रा के लिए 3.9 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है। पूरे यात्रा मार्ग पर 670 से अधिक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) की कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और अन्य अर्द्धसैनिक बलों के हजारों जवान सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए यात्रा मार्ग पर हवाई निगरानी (एरियल सर्विलांस) की जा रही है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती, कड़ी जांच व्यवस्था, आधुनिक निगरानी उपकरण और चौबीसों घंटे सुरक्षा निगरानी की व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
शुक्रवार तड़के श्रद्धालुओं के पहले जत्थे दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले स्थित नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप और मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के बालटाल बेस कैंप से बाबा बर्फानी के पवित्र गुफा मंदिर के लिए रवाना हुए। श्रद्धालुओं के जयकारों और ‘बम-बम भोले’ के उद्घोष के बीच जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने जत्थों को रवाना किया।
इससे पहले गुरुवार को जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 4,809 से अधिक श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। कश्मीर घाटी पहुंचने पर श्रद्धालुओं का प्रशासन और स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
समुद्र तल से लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए श्रद्धालु पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम-नुनवान मार्ग और 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा कर रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन की व्यापक व्यवस्था की गई है, ताकि लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
