यूएई स्थित भारतीय उद्यमी डॉ. शमशीर वायलिल की ₹2.6 करोड़ की राहत सहायता तेलंगाना और उत्तर प्रदेश में दुबई सड़क हादसे के पीड़ित परिवारों तक पहुँची

Relief aid worth ₹2.6 crore from UAE-based Indian entrepreneur Dr. Shamsheer Vayalil has reached the families of the victims of the Dubai road accident in Telangana and Uttar Pradesh.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: दुबई/नई दिल्ली: यूएई स्थित भारतीय उद्यमी डॉ. शमशीर वायलिल द्वारा दुबई के एमिरेट्स रोड हादसे से प्रभावित परिवारों के लिए घोषित ₹2.6 करोड़ की मानवीय राहत सहायता तेलंगाना और उत्तर प्रदेश में दिवंगत भारतीय श्रमिकों के परिवारों तक पहुँच गई है।

इस दुर्घटना में सात श्रमिकों की मृत्यु हो गई थी। डॉ. शमशीर के कार्यालय के प्रतिनिधियों ने हादसे में जान गंवाने वाले छह भारतीय श्रमिकों के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की, उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया और वित्तीय सहायता सौंपी। वहीं, दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रीलंकाई श्रमिक के परिवार से मिलने के लिए भी एक प्रतिनिधि पहुँचा।

मानवीय पुनर्वास कार्यक्रम के तहत प्रत्येक दिवंगत श्रमिक के परिवार को ₹26 लाख की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त, प्रभावित परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए सहायता की आवश्यकता का आकलन किया जा रहा है, जिसका समन्वय सीधे संबंधित परिवारों के साथ किया जाएगा।

तेलंगाना के जिन तीन श्रमिकों की इस हादसे में मृत्यु हुई, उनमें जगित्याल जिले के नमिलिकोंडा निवासी 51 वर्षीय सलीम सैय्यद हुसैन, निर्मल जिले के कड्डम निवासी 37 वर्षीय अब्दुल रफीक अब्दुल रहीम और जगित्याल जिले के ठक्कल्लापल्ले निवासी 23 वर्षीय तिरुपति गोल्लापल्ली चंद्रैया शामिल हैं।

Relief aid worth ₹2.6 crore from UAE-based Indian entrepreneur Dr. Shamsheer Vayalil has reached the families of the victims of the Dubai road accident in Telangana and Uttar Pradesh.इसी तरह, उत्तर प्रदेश में प्रतिनिधियों ने मऊ जिले के कोपागंज निवासी 38 वर्षीय अब्दुल रशीद जाकिर हुसैन, मऊ जिले के खुरहट निवासी 39 वर्षीय मार्कंडेय चौहान भज्जन चौहान तथा बिजनौर जिले के सहसपुर निवासी 31 वर्षीय मोहम्मद साकिब लियाकत अली के परिवारों से मुलाकात की।

मऊ के खुरहट गांव में मार्कंडेय के परिवार ने खाड़ी देशों में उनके लंबे कार्यकाल और बच्चों के भविष्य से जुड़े सपनों को याद किया। वह अपने पीछे पत्नी सरस्वती देवी और तीन बच्चों को छोड़ गए हैं। इनमें 17 वर्षीय अंकिता चौहान भी शामिल हैं, जिन्होंने हाल ही में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की है और वह नर्स बनना चाहती हैं।

वीपीएस हेल्थ के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. शमशीर ने वीडियो कॉल के माध्यम से अंकिता से बात करते हुए कहा , “हम आपकी पूरी पढ़ाई में सहयोग करेंगे। मन लगाकर पढ़ाई कीजिए और अपना कोर्स पूरा कीजिए। इसके बाद आपको यूएई लाकर अवसर देने में हमें खुशी होगी। मार्कंडेय जी आपकी उपलब्धियों के माध्यम से हर दिन याद किए जाएंगे।”

दुर्घटना में घायल हुए नौ श्रमिकों को भी उनके नियोक्ता के समन्वय से आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। घायल श्रमिकों में आठ भारतीय नागरिक हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश के तीन, राजस्थान के दो तथा केरल, तेलंगाना और बिहार के एक-एक श्रमिक शामिल हैं। एक घायल श्रमिक नेपाल का नागरिक है।

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