वैभव सूर्यवंशी को बाहर करने पर बोले श्रेयस अय्यर, ‘टीम कॉम्बिनेशन के लिए लिया गया फैसला’

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: इंग्लैंड दौरे पर शर्मनाक प्रदर्शन के बाद भारतीय टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अंतिम टी20 मुकाबले से बाहर किए जाने के फैसले का बचाव किया है। अय्यर ने कहा कि टीम प्रबंधन उस मैच में अलग ओपनिंग कॉम्बिनेशन आजमाना चाहता था और इसलिए अनुभवी संजू सैमसन को मौका दिया गया।
भारत को इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में 4-0 से हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले टीम आयरलैंड के खिलाफ भी 0-2 से सीरीज गंवा चुकी थी। लगातार छह हार के साथ भारत ने आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर-1 की कुर्सी भी गंवा दी। ऐसे में टीम चयन और रणनीति को लेकर कप्तान श्रेयस अय्यर, मुख्य कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट सवालों के घेरे में हैं।
पांचवें और आखिरी टी20 में वैभव सूर्यवंशी की जगह संजू सैमसन को खिलाने के फैसले पर अय्यर ने कहा कि टीम परिस्थितियों के हिसाब से अलग संयोजन आजमाना चाहती थी।
उन्होंने कहा, “जैसा कि मैंने पहले भी कहा था, हम उस मैच के लिए सबसे उपयुक्त कॉम्बिनेशन आजमाना चाहते थे। हमारी योजना थी कि अभिषेक शर्मा के साथ एक दाएं हाथ का बल्लेबाज ओपनिंग करे। यही इस फैसले की सबसे बड़ी वजह थी।”
अय्यर ने आगे कहा, “आपने देखा होगा कि बल्लेबाजी क्रम में मैं ही एकमात्र दाएं हाथ का बल्लेबाज था। इसलिए हमने उस मैच के लिए अलग कॉम्बिनेशन चुना। संजू सैमसन बेहतरीन बल्लेबाज हैं और उन्होंने पहले भी कई मौकों पर भारत को सीरीज जिताई है।”
वैभव को लेकर बहस जारी
हालांकि अय्यर के इस बयान के बावजूद वैभव सूर्यवंशी को लेकर उठ रहे सवाल थमने वाले नहीं हैं। टीम मैनेजमेंट ने युवा बल्लेबाज को लगातार तीन मैचों में मौका दिया, लेकिन जब सीरीज पहले ही हाथ से निकल चुकी थी, तब अंतिम मुकाबले में उन्हें बाहर कर दिया गया। इस फैसले ने पूरे दौरे में टीम चयन में लगातार बदलाव और अस्थिर रणनीति पर सवाल और गहरे कर दिए हैं।
इंग्लैंड दौरे पर पहली बड़ी असफलता झेलने के बावजूद श्रेयस अय्यर ने कहा कि यह अनुभव उन्हें भविष्य में एक बेहतर कप्तान बनने में मदद करेगा।
उन्होंने कहा, “भारत की कप्तानी करना मेरे लिए सम्मान की बात है। हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह भारतीय टीम का नेतृत्व करे। कप्तानी के साथ जिम्मेदारी भी आती है, लेकिन मुझे दबाव पसंद है। मैं इसे एक अवसर की तरह देखता हूं। ऐसे अनुभव मुझे आगे बेहतर कप्तान बनाएंगे।”
आलोचनाओं से नहीं पड़ेगा फर्क
टी20 सीरीज में क्लीन स्वीप के बाद हो रही आलोचनाओं पर अय्यर ने कहा कि वह इन बातों से ज्यादा प्रभावित नहीं हैं और उनका पूरा ध्यान टीम को मजबूत बनाने पर रहेगा।
उन्होंने कहा, “मैं इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहा कि लोग इस सीरीज के बारे में क्या कहेंगे। खेल में अच्छे और बुरे दौर आते रहते हैं। मुझे सकारात्मक रहना है और खिलाड़ियों के साथ बेहतर तालमेल बनाना है। आने वाले समय में ऑस्ट्रेलिया समेत कई विदेशी दौरे हैं। हमारा लक्ष्य उन परिस्थितियों के मुताबिक खुद को तैयार करना और मजबूत टीम संस्कृति विकसित करना होगा।”
टीम मैनेजमेंट पर बढ़ा दबाव
इंग्लैंड दौरे के बाद सिर्फ वैभव सूर्यवंशी को बाहर करने का फैसला ही नहीं, बल्कि पूरी चयन प्रक्रिया और रणनीति सवालों के घेरे में है। लगातार बदलती प्लेइंग इलेवन, बल्लेबाजी क्रम में फेरबदल और विदेशी परिस्थितियों में रणनीतिक विफलता ने टीम इंडिया की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।
अब आगामी विदेशी दौरों से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर, कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट के सामने सबसे बड़ी चुनौती एक स्थिर टीम संयोजन तैयार करने और विदेशी परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने की होगी।
