इंग्लैंड ने भारत का किया 0-4 से सूपड़ा साफ, टी20 में छीना नंबर-1 का ताज; श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर उठे सवाल

England whitewashed India 0-4 and snatched the No. 1 spot in T20s; questions raised over Shreyas Iyer's captaincy.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: इंग्लैंड ने पांचवें और अंतिम टी20 मुकाबले में भारत को 56 रन से हराकर सीरीज में 4-0 से क्लीन स्वीप कर दिया। इससे पहले आयरलैंड दौरे पर भारत 0-2 से सीरीज हार चुका था। इस तरह श्रेयस अय्यर की अगुआई में टीम इंडिया यूनाइटेड किंगडम के दौरे से एक भी मैच जीते बिना लौटी और कुल मिलाकर 0-6 का शर्मनाक रिकॉर्ड अपने नाम कर बैठी।

इस हार के साथ भारत ने टी20 विश्व कप जीतने के महज दो सप्ताह बाद ही आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर-1 का ताज भी गंवा दिया। इंग्लैंड अब दुनिया की नई नंबर-1 टी20 टीम बन गई है।

दिशाहीन भारतीय गेंदबाजी

टॉस में देरी के बाद शुरू हुए मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 3 विकेट पर 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो भारत के खिलाफ उसका अब तक का सबसे बड़ा टी20 स्कोर है।

पूर्व कप्तान जोस बटलर ने 131 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जबकि कप्तान हैरी ब्रूक ने सिर्फ 45 गेंदों में नाबाद 95 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 233 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की, जो इंग्लैंड के टी20 इतिहास में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है।

बटलर और ब्रूक ने मिलकर 16 छक्के लगाए, जो भारतीय टीम द्वारा पूरे मैच में लगाए गए छक्कों के बराबर थे। भारतीय गेंदबाज पूरे दौरे की तरह इस मुकाबले में भी संघर्ष करते नजर आए।

  • प्रसिद्ध कृष्णा ने 4 ओवर में 60 रन लुटाए।
  • अक्षर पटेल ने बिना विकेट लिए 63 रन खर्च किए।
  • डेब्यू कर रहे सूर्यांश शेडगे को भी इंग्लिश बल्लेबाजों ने जमकर निशाना बनाया।

हालांकि प्रसिद्ध कृष्णा ने शुरुआती विकेट के रूप में फिल सॉल्ट को आउट किया, लेकिन उसके बाद भारतीय गेंदबाज पूरी तरह बेबस दिखाई दिए।

भारतीय बल्लेबाजी फिर फ्लॉप

258 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत एक बार फिर खराब रही। संजू सैमसन ने 14 गेंदों में 27 रन बनाकर तेज शुरुआत दिलाई, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके। पावरप्ले के अंदर दोनों ओपनरों के आउट होने से भारत दबाव में आ गया।

इसके बाद ईशान किशन ने 35 गेंदों में 56 रन, श्रेयस अय्यर ने 16 गेंदों में 38 रन और तिलक वर्मा ने 25 गेंदों में 53 रनों की तेज पारियां खेलीं। हालांकि ये प्रयास भारत को जीत तक नहीं पहुंचा सके और पूरी टीम 201 रन पर सिमट गई।

पूरे दौरे में नहीं मिली राइट कांबिनेशन

इंग्लैंड का यह दौरा भारतीय टीम के लिए कई सवाल छोड़ गया। बल्लेबाजी क्रम लगातार बदलता रहा। कभी संजू सैमसन बाहर रहे तो कभी 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को मौका देकर फिर टीम से बाहर कर दिया गया। तिलक वर्मा को अलग-अलग नंबरों पर बल्लेबाजी कराई गई, जबकि अक्षर पटेल और शिवम दुबे की भूमिकाएं भी हर मैच में बदलती रहीं।

गेंदबाजी विभाग भी चोटों और लगातार बदलावों से जूझता रहा। हर्षित राणा चोट के कारण बीच दौरे से बाहर हो गए, जबकि वरुण चक्रवर्ती भी उपलब्ध नहीं रहे। टीम प्रबंधन पूरे दौरे में सही संयोजन तलाशता ही रह गया।

आयरलैंड दौरे के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने माना था कि टीम परिस्थितियों को सही तरीके से नहीं पढ़ सकी। इंग्लैंड में भी यही कमजोरी साफ नजर आई। भारतीय बल्लेबाज शॉर्ट गेंदों के खिलाफ लगातार संघर्ष करते रहे, जबकि गेंदबाज सही लेंथ पर गेंदबाजी करने में नाकाम रहे। दूसरी ओर इंग्लैंड ने परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल किया और भारत की कमजोरियों पर लगातार हमला बोलते हुए हर मुकाबले में दबदबा बनाए रखा।

नंबर-1 का ताज भी गया

टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारत दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम बना था, लेकिन आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे में लगातार छह हार ने उसकी बादशाहत छीन ली। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत लगातार दूसरी टी20 सीरीज जीतने में नाकाम रहा। हालांकि सबसे बड़ी चिंता सिर्फ हार नहीं, बल्कि टीम का लगातार प्रयोग करना, स्पष्ट रणनीति का अभाव और विदेशी परिस्थितियों में पूरी तरह बिखर जाना रहा।

विश्व चैंपियन के रूप में यूनाइटेड किंगडम पहुंची टीम इंडिया बिना एक भी जीत के स्वदेश लौट रही है। अब टीम प्रबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती विदेशी परिस्थितियों में अपनी रणनीति और टीम संयोजन को नए सिरे से तैयार करने की होगी।

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