अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बीच ट्रंप का बड़ा बयान, ‘मोजतबा खामेनेई 90% खत्म’
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि ईरान की टॉप मिलिट्री लीडरशिप खत्म हो गई है और कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रहे टकराव के बीच, दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई भी “90% खत्म” हो चुके हैं।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि अमेरिका ईरान पर फिर से नाकेबंदी लागू करेगा और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों से सुरक्षित रास्ते के लिए शुल्क लेगा, जिस पर तेहरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि हाल ही में अमेरिका और इज़राइल के हमलों ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को तबाह कर दिया है। ट्रंप ने कहा, “उनके पास कोई नौसेना नहीं है। उनके पास कोई वायु सेना नहीं है। सब कुछ खत्म हो गया है। उनका एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम खत्म हो गया है। उनके सभी नेता मारे जा चुके हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “उनके सबसे अच्छे नेता मारे जा चुके हैं। वे खत्म हो चुके हैं। खामेनेई खत्म हो चुके हैं,” जाहिर तौर पर उनका इशारा अली खामेनेई की ओर था, जो फरवरी के आखिर में ईरान पर अमेरिका-इज़राइल के शुरुआती हमलों के दौरान मारे गए थे।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि मोजतबा खामेनेई, जिन्हें व्यापक रूप से उनके पिता का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता है, “90% खत्म” हो चुके हैं। खबरों के अनुसार, मोजतबा हवाई हमले में लगी चोटों से उबर रहे हैं और इस महीने की शुरुआत में ईरान और इराक में आयोजित अपने पिता के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल नहीं हुए थे।
ये टिप्पणियां ऐसे समय में आईं जब सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच नए हमले हुए, जिससे तनाव और बढ़ गया।
ट्रंप ने घोषणा की कि वाशिंगटन “ईरानी नाकेबंदी” को फिर से लागू करेगा और कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ते के लिए भुगतान करना होगा।
इससे पहले, ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमेरिका “होर्मुज जलडमरूमध्य का संरक्षक” बनेगा।
उन्होंने लिखा, “होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है और खुला रहेगा, चाहे ईरान साथ हो या न हो। हम ‘ईरानी नाकेबंदी’ को फिर से लागू कर रहे हैं, जिसका यह नाम इसलिए रखा गया है क्योंकि यह केवल ईरान के जहाजों या ग्राहकों को अंदर आने या बाहर जाने से रोक रहा है। अन्य सभी देश जलडमरूमध्य का निष्पक्ष और खुला उपयोग कर सकेंगे।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि इस रणनीतिक जलमार्ग का उपयोग करने वाले देशों को इसकी सुरक्षा की लागत में योगदान देना चाहिए और इस रास्ते से भेजे जाने वाले सभी कार्गो पर 20 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति (reimbursement) का प्रस्ताव रखा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने ट्रंप के प्रस्ताव को खारिज कर दिया और ज़ोर देकर कहा कि ऐतिहासिक रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा ईरान ने की है, न कि अमेरिका ने।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अरागची ने कहा, “ईरान हमेशा से इस जलडमरूमध्य का संरक्षक रहा है और हमेशा रहेगा। 20% निश्चित रूप से बहुत ज़्यादा है। हम निष्पक्ष रहेंगे।”
इस ताज़ा घटनाक्रम से वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ता टकराव साफ़ दिखता है। खाड़ी क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने के साथ ही, दोनों पक्ष दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक, होर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा और नियंत्रण पर अपने-अपने दावे कर रहे हैं।
