NEET पेपर लीक पर राहुल गांधी का गांधी स्मृति मार्च, पुलिस ने रास्ते में रोका, बाद में दी अनुमति
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को इंडिया (INDIA) गठबंधन के सांसदों के साथ गांधी स्मृति तक मार्च निकाला। यह मार्च NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन और कथित परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में आयोजित किया गया।
राहुल गांधी संविधान की प्रति हाथ में लेकर मार्च का नेतृत्व कर रहे थे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेता भी इस मार्च में शामिल हुए। नेताओं ने पेपर लीक के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर भी हाथ में लिए। कई सांसदों ने विरोध दर्ज कराने के लिए अपने मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट भी जलाई।
पुलिस ने रास्ते में रोका
राहुल गांधी के आवास 5, सुनेहरी बाग रोड से तीन बसों का काफिला गांधी स्मृति के लिए रवाना हुआ, लेकिन कुछ ही दूरी पर दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड लगाकर काफिले को रोक दिया। पुलिस की बसें आगे और पीछे खड़ी कर दी गईं तथा लाउडस्पीकर के जरिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों की जानकारी दी गई।
कुछ देर की रोक-टोक के बाद पुलिस ने बैरिकेड हटाए और काफिले को आगे बढ़ने की अनुमति दे दी। पूरे मार्ग पर भारी सुरक्षा व्यवस्था तैनात रही।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
रास्ते में रोके जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा, “हमारे छात्र सड़कों पर हैं, इसलिए हम भी उनके साथ सड़कों पर उतरे हैं। हम गांधी स्मृति जा रहे थे, लेकिन हमें रोक दिया गया। हमारे सभी सांसद वहां जाना चाहते थे, लेकिन अनुमति नहीं दी गई।”
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, “जो सांसद संसद में जा सकते हैं, क्या वे गांधी स्मृति भी नहीं जा सकते? सरकार ने पहले से बसें खड़ी कर रास्ता क्यों रोका? क्या हम अपराधी हैं?”
कांग्रेस और INDIA गठबंधन का कहना है कि यह मार्च NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि देने और प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों के प्रति एकजुटता जताने के लिए आयोजित किया गया।
इस दौरान विपक्ष ने केंद्र सरकार से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग दोहराई।
गांधी स्मृति के बाहर कड़ी सुरक्षा
मार्च को देखते हुए गांधी स्मृति और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। दिल्ली पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अर्धसैनिक बलों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई। पूरे लुटियंस दिल्ली क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई, जिससे कई जगह यातायात भी प्रभावित हुआ।
मार्च से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि गांधी स्मृति की यह यात्रा उन छात्रों को श्रद्धांजलि देने के लिए है जिन्होंने NEET पेपर लीक के बाद अपनी जान गंवाई, और उन छात्रों के समर्थन में है जो न्याय और जवाबदेही की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि “भारत के छात्र अकेले नहीं हैं। पूरा विपक्ष उनके साथ खड़ा है और उनकी मांगों का समर्थन करता है।”
