NEET पेपर लीक विवाद पर देर रात छात्रों से बोले पीएम मोदी, ‘दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई’
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: NEET पेपर लीक विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात 11:52 बजे एक सेल्फी वीडियो जारी कर सीधे छात्रों से संवाद किया। करीब तीन मिनट के इस वीडियो में उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और पेपर लीक जैसे मामलों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “दोस्तों, मैं जानता हूं कि पेपर लीक कोई मामूली घटना नहीं है। इससे लाखों छात्रों और उनके परिवारों को गहरा दुख पहुंचा है। पिछले ढाई महीनों में इस मामले में कई कार्रवाई की गई हैं। दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।”
छात्रों को भरोसा दिलाने की कोशिश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना थी कि किसी भी छात्र का पूरा शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो। उन्होंने बताया कि करीब 22 लाख छात्रों के लिए कम समय में दोबारा परीक्षा आयोजित की गई और 19 तारीख को परिणाम भी घोषित कर दिए गए।
उन्होंने कहा, “देशभर में छात्र अपनी सफलता का जश्न मना रहे हैं, लेकिन सरकार केवल परीक्षा कराकर संतुष्ट नहीं है। हमारी कोशिश है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।”
प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने संबंधित विभागों को परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़े दंड का प्रावधान करने वाला मसौदा तैयार करने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा कि इस मसौदे पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होगी और सरकार इसे जल्द से जल्द संसद में पारित कराने का प्रयास करेगी।
प्रधानमंत्री मोदी आमतौर पर देर रात वीडियो संदेश जारी नहीं करते हैं। ऐसे में रात 11:52 बजे जारी किया गया यह सेल्फी वीडियो खासा चर्चा में रहा। माना जा रहा है कि यह डिजिटल माध्यमों पर सक्रिय युवाओं और पहली बार मतदान करने वाली पीढ़ी तक सीधे पहुंचने की रणनीति का हिस्सा था।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से रहे दूर
इस बार प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में विपक्ष पर कोई हमला नहीं किया और न ही राजनीतिक टिप्पणी की। उनका पूरा फोकस छात्रों की चिंता, परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने और भविष्य में पेपर लीक रोकने के उपायों पर रहा।
प्रधानमंत्री के इस वीडियो को करीब 2 करोड़ बार देखा गया। हालांकि सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे देर से आया जवाब बताया। कुछ यूजर्स ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जिम्मेदारी तय करने की मांग की, जबकि कुछ ने कहा कि प्रधानमंत्री को वीडियो संदेश की बजाय प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सवालों का जवाब देना चाहिए।
इससे पहले गुरुवार सुबह भी प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था, “हमारे युवाओं का भविष्य और उनका कल्याण सबसे महत्वपूर्ण है।”
NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री का यह संदेश छात्रों का भरोसा बहाल करने और सरकार की कार्रवाई का भरोसा दिलाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
