25 छक्के, 15 चौके और 91 गेंदों में 233 रन: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में संघर्ष के बीच अभिषेक शर्मा का तूफ़ानी दोहरा शतक

25 sixes, 15 fours, and 233 runs off 91 balls: Abhishek Sharma's explosive double century amidst struggles in international cricket.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: भारतीय टीम के युवा विस्फोटक बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा ने पंजाब इंटर-डिस्ट्रिक्ट सीनियर टूर्नामेंट में तूफानी बल्लेबाज़ी करते हुए शानदार दोहरा शतक जड़ दिया। अमृतसर सीनियर टीम की ओर से खेलते हुए उन्होंने तरनतारन के खिलाफ़ सिर्फ 91 गेंदों में 233 रन की अविश्वसनीय पारी खेली।

अपनी इस विस्फोटक पारी में अभिषेक ने 15 चौके और 25 छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 256.04 रहा। इस धमाकेदार प्रदर्शन के बाद स्कोरकार्ड और उनकी बल्लेबाज़ी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही हैं।

यह पारी ऐसे समय में आई है, जब अभिषेक शर्मा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। आईसीसी टी20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज़ों की रैंकिंग में कभी नंबर-1 रहने वाले अभिषेक फिलहाल तीसरे स्थान पर हैं, लेकिन हालिया प्रदर्शन उनकी क्षमता के अनुरूप नहीं रहा है।

हाल ही में ज़िम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने तीन पारियों में सिर्फ 11 रन बनाए और उनका औसत 3.66 रहा। यह केवल एक खराब सीरीज़ नहीं, बल्कि पिछले कई महीनों से जारी संघर्ष का हिस्सा है।

हालिया टी20 प्रदर्शन रहा निराशाजनक

इंग्लैंड के खिलाफ़ पांच टी20 मैचों में अभिषेक ने 131 रन बनाए, जहाँ उनका औसत 26.2 रहा। इसके बाद आयरलैंड के खिलाफ़ दो मैचों में उनके बल्ले से केवल 49 रन निकले और औसत 24.5 रहा।

पिछली 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय पारियों में वह सिर्फ एक अर्धशतक ही लगा पाए हैं, जो उनके गिरते प्रदर्शन की कहानी बयां करता है। सबसे बड़ी चिंता सिर्फ कम रन बनाना नहीं, बल्कि आउट होने का तरीका रहा है। ज़िम्बाब्वे के तेज़ गेंदबाज़ ब्लेसिंग मुज़रबानी ने उन्हें तीनों मैचों में आउट किया।

  • पहली बार ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में उन्होंने आसान कैच थमा दिया।
  • दूसरी बार उछाल लेती गेंद पर बल्ला अड़ाया और गेंद सीधा बैकवर्ड पॉइंट पर चली गई।
  • तीसरी बार जगह बनाकर खेलने की कोशिश में बाहरी किनारा लगा और विकेटकीपर ने कैच लपक लिया।

तीनों विकेट अलग-अलग शॉट्स पर गिरे, लेकिन कमजोरी एक ही रही—ऑफ स्टंप के बाहर तेज़ गेंदबाज़ी के खिलाफ़ नियंत्रण की कमी।

विरोधी टीमों ने बना ली है रणनीति

ज़िम्बाब्वे ने अभिषेक की कमजोरी को अच्छी तरह समझते हुए पहले उन्हें ऑफ स्पिन से परखा। इसके बाद मुज़रबानी ने तेज़ गेंदबाज़ी से दबाव बनाया। यह वही क्षेत्र था, जहाँ टी20 विश्व कप के दौरान भी अभिषेक कई बार संघर्ष करते नज़र आए थे।

टी20 विश्व कप से पहले अभिषेक शर्मा का औसत 37.05 और स्ट्राइक रेट लगभग 195 था। लेकिन उसके बाद उनका औसत घटकर 19.4 रह गया है, जबकि स्ट्राइक रेट भी गिरकर 165 पर आ गया है।

ऐसा महसूस हो रहा है कि अभिषेक इस समय अपनी स्वाभाविक आक्रामक बल्लेबाज़ी और संयम के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में उलझ गए हैं। जिस बेखौफ अंदाज़ ने उन्हें पहचान दिलाई, वह पहले जैसा नज़र नहीं आ रहा, जबकि निरंतरता भी अभी तक नहीं मिल पाई है।

हालांकि, घरेलू क्रिकेट में खेली गई उनकी 233 रन की यह ऐतिहासिक पारी उनके आत्मविश्वास के लिए बड़ा संजीवनी साबित हो सकती है। अब सभी की नज़र इस बात पर होगी कि क्या वह इस फॉर्म को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी दोहरा पाते हैं।

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