STF की कार्रवाई में खुलासा, पाकिस्तानी ऑपरेटिव्स की टारगेट लिस्ट में बंगाल सीएम सुवेन्दु अधिकारी
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पाकिस्तान से कथित तौर पर जुड़े नेटवर्क की जांच के सिलसिले में हमीम मंडल की कथित सहयोगी अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया है। अर्पिता को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए पश्चिम बंगाल लाया गया है।
स्पेशल टास्क फोर्स की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एजेंसी का दावा है कि पाकिस्तान से संचालित ऑपरेटिव्स की टारगेट लिस्ट में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी का नाम शामिल था। जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी हमीम मंडल और उसकी कथित सहयोगी अर्पिता सरकार से पूछताछ में सामने आया कि उनसे मुख्यमंत्री की गतिविधियों, सुरक्षा व्यवस्था और आवाजाही से जुड़ी संवेदनशील जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए थे। STF इस पूरे नेटवर्क और इसके पाकिस्तान कनेक्शन की गहन जांच कर रही है।
STF के अनुसार, अर्पिता सरकार हमीम मंडल के लगातार संपर्क में थी और कथित तौर पर लोगों को हनी-ट्रैप में फंसाने तथा उनके अपहरण की साजिश से जुड़े नेटवर्क में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
इससे एक दिन पहले STF ने बर्धमान के दुर्गापुर एक्सप्रेसवे के पास स्थित रेनेसां रिहायशी परिसर से हमीम मंडल को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान अधिकारियों को हमीम और पाकिस्तान में संचालित कई ऑनलाइन हैंडलर्स के बीच संपर्क के सबूत मिलने का दावा किया गया है।
खुफिया इनपुट के बाद शुरू हुई जांच
STF के इंस्पेक्टर जनरल गौरव शर्मा ने बताया कि जांच की शुरुआत उस खुफिया सूचना के आधार पर हुई, जिसमें दावा किया गया था कि हावड़ा के एक वरिष्ठ मंत्री से कथित तौर पर वसूली की जा रही है और उनके बेटे को हनी-ट्रैप में फंसाकर अगवा करने की योजना बनाई जा रही थी।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान साहिबगंज से संचालित एक डिजिटल हैंडल का पता चला। इसकी जांच करने पर सामने आया कि यह हैंडल हमीम मंडल के नियमित संपर्क में था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया, जिसमें कई अन्य संदिग्ध गतिविधियों और संपर्कों का खुलासा हुआ।
STF के मुताबिक, हमीम मंडल ‘राणा’, ‘अबीर जाट’, ‘उजार’ और ‘हाद’ नाम के कई संदिग्ध ऑनलाइन अकाउंट्स के संपर्क में था। जांच में दावा किया गया कि ये सभी अकाउंट पाकिस्तान से संचालित किए जा रहे थे। इसी आधार पर 30-31 जुलाई की रात उसे हिरासत में लिया गया।
छात्र प्रदर्शन में पुलिस वर्दी का इस्तेमाल करने की साजिश की भी जांच
STF का यह भी दावा है कि हमीम मंडल को हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की वर्दी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे, ताकि कथित तौर पर अशांति फैलाई जा सके। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह योजना केवल साजिश तक सीमित थी या इसे अमल में लाने की दिशा में भी कोई कदम उठाया गया था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, कुछ पुलिसकर्मी, राजनीतिक नेता और अन्य प्रमुख लोग भी कथित तौर पर इस नेटवर्क की निगरानी सूची में थे या संभावित निशाने पर थे। हालांकि, STF ने सुरक्षा कारणों से इन व्यक्तियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
हमीम मंडल और अर्पिता सरकार दोनों को बर्धमान की अदालत में पेश किया गया है। अदालत के आदेश पर दोनों से हिरासत में पूछताछ की जा रही है। STF इस पूरे नेटवर्क और उसके पाकिस्तान स्थित कथित संचालकों से जुड़े संबंधों की गहन जांच कर रही है।
