असम की बैडमिंटन सेंसेशन अश्मिता चालिहा ने कोरिया मास्टर्स 2026 का खिताब जीता
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा ने रविवार को शानदार वापसी करते हुए VICTOR Korea Masters 2026 के महिला एकल का खिताब अपने नाम कर लिया। असम की 26 वर्षीय शटलर ने फाइनल में चीन की हान कियान शी को 14-21, 21-14, 21-14 से हराकर अपने करियर का पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब जीता।
विश्व रैंकिंग में 35वें स्थान पर काबिज चौथी वरीय हान के खिलाफ अश्मिता की शुरुआत अच्छी नहीं रही। चीनी खिलाड़ी ने पहले गेम में लगातार दबाव बनाए रखा और 21-14 से गेम अपने नाम कर लिया। हालांकि, अश्मिता ने जल्द ही अपनी लय हासिल की और आक्रामक खेल के दम पर मुकाबले में वापसी की।
दूसरे गेम से बदला मैच का रुख
दूसरे गेम में अश्मिता ने अपने अटैकिंग शॉट्स के जरिए रैलियों पर पकड़ बनानी शुरू कर दी। उन्होंने हान को लगातार दबाव में रखा और 21-14 से गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।
तीसरे गेम की शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला और एक-एक अंक के लिए जोरदार संघर्ष हुआ। हालांकि, ब्रेक के बाद अश्मिता ने अपनी गति बढ़ाई और लगातार शानदार विनर्स लगाए। हान की गलतियों का भी उन्होंने पूरा फायदा उठाया और धीरे-धीरे मुकाबले पर नियंत्रण हासिल कर लिया।
अश्मिता ने 12-11 की बढ़त एक सटीक विनर के साथ बनाई। इसके बाद कोर्ट के बाहर जाती हुई शटल को खिंचकर बचाते हुए उन्होंने शानदार शॉट खेला और अपनी बढ़त 15-11 कर ली।
इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। क्रॉस-कोर्ट विनर के जरिए उन्होंने स्कोर 19-14 किया। अगली रैली में हान का रिटर्न बाहर चला गया और अश्मिता ने 21-14 से निर्णायक गेम जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया।
करियर का पहला Super 300 खिताब
कोरिया मास्टर्स की यह जीत अश्मिता चालिहा के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि यह उनका पहला BWF Super 300 खिताब है। यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब वह लंबे ब्रेक के बाद अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन में वापसी कर रही हैं।
अश्मिता ने दाहिने घुटने में चोट के कारण करीब तीन महीने तक प्रतियोगिताओं से दूर रहने के बाद मई में BWF टूर पर वापसी की थी। वापसी के बाद उन्होंने धीरे-धीरे अपनी लय हासिल की और Macau Open के सेमीफाइनल तक पहुंचकर अपनी फॉर्म के संकेत दिए थे।
वर्तमान में दुनिया की 50वें नंबर की खिलाड़ी अश्मिता गुवाहाटी स्थित National Centre of Excellence में पार्क ताए-सांग की निगरानी में ट्रेनिंग करती हैं। Korea Masters का खिताब उनकी वापसी के अभियान की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि बन गया है।
अश्मिता की जीत भारतीय महिला एकल बैडमिंटन के लिए भी खास है। यह लगातार दूसरा सप्ताह है जब किसी भारतीय महिला खिलाड़ी ने BWF वर्ल्ड टूर पर महिला एकल का खिताब जीता है। इससे एक सप्ताह पहले तन्वी शर्मा ने Taipei Open का खिताब अपने नाम किया था। तन्वी ने फाइनल में गुयेन थुई लिन्ह को हराकर अपना पहला BWF Super 300 खिताब जीता था। इस तरह अश्मिता चालिहा की शानदार वापसी और तन्वी शर्मा की सफलता ने भारतीय महिला एकल बैडमिंटन में नई उम्मीद जगाई है।
