झारखंड JPSC परीक्षा रद्द करेगा, छात्र CBI जांच की मांग पर अड़े
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: रविवार को बातचीत बेनतीजा रहने के बाद झारखंड सरकार और विरोध कर रहे JPSC-JSSC उम्मीदवारों के बीच गतिरोध और बढ़ गया। छात्र नेताओं ने साफ़ कर दिया कि जब तक CBI जांच की घोषणा नहीं होती, वे कोई समझौता नहीं करेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने अब 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा तक एक बड़े मार्च का आह्वान किया है, जिसमें हजारों उम्मीदवारों के शामिल होने की उम्मीद है।
यह गतिरोध तब बना जब कई दौर की बातचीत और सरकार की ओर से कई रियायतों के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने, कथित अनियमितताओं की जांच के आदेश देने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार लाने जैसे फैसले लिए थे।
लेकिन छात्रों के लिए इतना काफी नहीं था। उनका कहना था कि उनकी मुख्य मांगें – खासकर CBI जांच और CGL व अन्य JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई – अभी भी अधूरी हैं। सरकारी पैनल से मुलाकात के बाद छात्र नेताओं ने कहा, “हम 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा तक मार्च करेंगे। जब तक CBI जांच की घोषणा नहीं होती, हम किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं हैं।”
असहमति का एक और बड़ा मुद्दा CGL परीक्षा रद्द करने की छात्रों की मांग थी। झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों को बताया था कि वह एकतरफा तरीके से परीक्षा रद्द नहीं कर सकती क्योंकि यह हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत आयोजित की गई थी और न्यायिक निगरानी में थी।
उन्होंने कहा कि नतीजे पहले ही घोषित किए जा चुके थे और सफल उम्मीदवार नौकरी ज्वाइन कर चुके थे। विकल्प के तौर पर, सरकार ने कथित अनियमितताओं की जांच की निगरानी के लिए एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति बनाने का प्रस्ताव दिया। छात्रों ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
उनका रुख यही रहा कि CBI जांच के बिना कोई भी जांच, और CGL परीक्षा रद्द करने से सरकार के इनकार ने उनके आंदोलन के मूल मुद्दे का समाधान नहीं किया। हालांकि, झारखंड सरकार का कहना था कि उसने छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए काफी कदम उठाए हैं।
