रांची में पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग तोड़ विधानसभा की ओर बढ़ा मार्च
चिरौरी न्यूज
रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन अब बेहद अहम और तनावपूर्ण दौर में पहुंच गया है। सोमवार को हजारों की संख्या में छात्र रांची पहुंचे और विधानसभा की ओर मार्च शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ते रहे। विभिन्न छात्र संगठनों के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया जा रहा है।
झारखंड के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में छात्र ट्रेन, बस और निजी वाहनों के जरिए सुबह ही राजधानी रांची पहुंचे। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक सुधार है। एक प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा, “सरकार को हमारी बात सुननी चाहिए और जवाब देना चाहिए।”
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
छात्रों के विधानसभा मार्च को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रदर्शन को देखते हुए रांची के ज्यादातर स्कूल भी आज बंद हैं। छात्रों की राजधानी में पहुंच सीमित करने के लिए पुलिस ने जिला सीमाओं, प्रमुख सड़कों और हाईवे पर बसों और निजी वाहनों की जांच भी की।
इसी बीच भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया। इससे राजधानी में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं।
JPSC और JSSC की परीक्षाएं बनीं आंदोलन की वजह
छात्रों के आंदोलन की प्रमुख वजह झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताएं हैं। आज का विधानसभा मार्च छात्रों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत के बाद हो रहा है। पिछले 16 दिनों से जारी आंदोलन को खत्म कराने के लिए सरकार की ओर से गठित पैनल और विभिन्न छात्र संगठनों के बीच बातचीत के छह दौर हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
रविवार को हुई छठे दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही। छात्रों ने कथित अनियमितताओं की CBI जांच की अपनी मांग पर जोर दिया। वहीं, राज्य सरकार का दावा है कि उसने छात्रों की 98 प्रतिशत मांगें स्वीकार कर ली हैं और उनसे आंदोलन वापस लेने की अपील की है।
हालांकि, छात्रों का कहना है कि सरकार ने उनकी 13 में से केवल तीन परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति जताई है। JPSC-JSSC Reforms Manch के नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि छात्र CBI जांच की मांग पर कायम हैं। आंदोलन के तहत छह प्रदर्शनकारी अब भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
JPSC में बड़ा फेरबदल
इस बीच JPSC में भी बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कथित भर्ती अनियमितताओं और पेपर लीक मामले में CID के समन के बाद आयोग के तीन सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया। इससे एक दिन पहले, 22 जुलाई को JPSC के अध्यक्ष एल. खियांग्ते भी अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिला चुके हैं कि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल रांची में छात्रों का विधानसभा मार्च जारी है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। आंदोलन के आगे बढ़ने के साथ राजधानी में तनाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
