गॉल टेस्ट: पहले दिन देवदत्त पडिक्कल के शतक से भारत का दबदबा
चिरौरी न्यूज
गॉल: श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले के पहले दिन भारत ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 73 ओवर में 2 विकेट पर 288 रन बना लिए। बारिश के कारण खेल में 17 ओवर का नुकसान हुआ और स्थानीय समयानुसार शाम 6 बजे दिन का खेल समाप्त घोषित किया गया। देवदत्त पडिक्कल 131 रन बनाकर नाबाद हैं, जबकि ऋषभ पंत उनका साथ दे रहे हैं।
तीसरे टेस्ट में खेल रहे देवदत्त पडिक्कल ने अपने करियर का पहला टेस्ट शतक जड़ते हुए शानदार बल्लेबाजी की। उनकी बेहतरीन पारी ने दबाव में चल रहे मुख्य कोच गौतम गंभीर के चेहरे पर भी खुशी ला दी। पडिक्कल ने स्पिनरों के खिलाफ बेहद आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की और पैरों का शानदार इस्तेमाल करते हुए गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाया।
राहुल के साथ 150 रन की साझेदारी
पडिक्कल और केएल राहुल ने दूसरे विकेट के लिए 150 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। राहुल 77 रन बनाकर नाबाद थे, लेकिन चाय के बाद मांसपेशियों में ऐंठन के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा। इसके बाद ऋषभ पंत क्रीज पर आए और दिन का खेल समाप्त होने तक पडिक्कल के साथ डटे रहे।
भारत की पारी की शुरुआत हालांकि अच्छी रही, लेकिन यशस्वी जायसवाल 32 रन बनाकर रन आउट हो गए। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल केवल 16 रन बनाकर प्रभात जयसूर्या का शिकार बने। पहले दिन स्पिन के खिलाफ आउट होने वाले गिल इकलौते भारतीय बल्लेबाज रहे।
स्पिनरों के खिलाफ पडिक्कल ने बदला अंदाज
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बल्लेबाजों की स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ कमजोरी चर्चा का विषय रही है। घरेलू परिस्थितियों में न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत को सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में श्रीलंका के स्पिनरों के सामने भारतीय बल्लेबाजों पर खास दबाव था।
लेकिन पडिक्कल ने इस चुनौती का शानदार जवाब दिया। उन्होंने प्रभात जयसूर्या की गेंद पर कदमों का इस्तेमाल करते हुए छक्का जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए। वह कभी आगे बढ़कर गेंद को खेलते दिखे तो कभी तेजी से बैकफुट पर जाकर गेंद को देर से खेला। उन्होंने श्रीलंका के स्पिनरों को एक ही जगह गेंदबाजी करने का मौका नहीं दिया।
जयसूर्या समेत श्रीलंकाई स्पिनर बेअसर
गॉल में आमतौर पर स्पिनरों को काफी मदद मिलती है, लेकिन पहले दिन पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल रही। पिच पर सामान्य से कुछ अधिक घास थी और गेंद को लगातार टर्न नहीं मिल रहा था। हालांकि कुछ गेंदों में तेज टर्न देखने को मिला, लेकिन कुल मिलाकर बल्लेबाजों के लिए परिस्थितियां अनुकूल रहीं।
प्रभात जयसूर्या ने 24 ओवर में 77 रन देकर एक विकेट लिया। वहीं डेब्यू कर रहे ऑफ स्पिनर केशरा नुवांथा ने 21 ओवर में 98 रन खर्च किए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। श्रीलंका ने अनुभवी रमेश मेंडिस को टीम से बाहर रखते हुए नुवांथा को मौका दिया था।
मेजबान टीम ने केवल दो विशेषज्ञ स्पिनरों को खिलाया, जबकि धनंजय डी सिल्वा और सोनल दिनूषा ने भी गेंदबाजी की, लेकिन दोनों ने सिर्फ चार-चार ओवर किए।
पहले दिन के खेल के बाद भारत मजबूत स्थिति में है। श्रीलंका की कोशिश अब भारत को जल्द से जल्द समेटकर स्कोर को नियंत्रित रखने की होगी, क्योंकि इस पिच पर चौथी पारी में बल्लेबाजी करना मुश्किल साबित हो सकता है।
