JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन 23वें दिन भी जारी, भूख हड़ताल पर प्रदर्शनकारियों की हालत नाज़ुक
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। आंदोलन शनिवार को 22वें दिन भी जारी रहा और रविवार को यह 23वें दिन में प्रवेश कर गया। वहीं, कुछ प्रदर्शनकारी पिछले 13 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है और अब उनकी स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारी प्रेम नायक ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “सरकार बिल्कुल भी सीरियस नहीं है। मुझे नहीं लगता कि मैं ज़्यादा दिन ज़िंदा रहूँगा। हालात बहुत नाज़ुक हैं।” नायक के मुताबिक, शुक्रवार को उन्हें बुखार आया था। अधिकारियों ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने जाने से इनकार कर दिया।
नायक ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी आंदोलनकारी नेता देवेंद्र नाथ महतो को अपने साथ ले गए और उन्हें वापस आंदोलन स्थल पर नहीं आने दिया जा रहा है। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य आंदोलन को कमजोर करना है।
20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान
प्रदर्शनकारियों के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के घेराव को लेकर चर्चा चल रही है। प्रदर्शनकारियों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
हालांकि, प्रेम नायक ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास के घेराव के बजाय ‘जेल भरो आंदोलन’ ज्यादा प्रभावी विकल्प हो सकता है। उन्होंने आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए सभी स्कूल और कॉलेज बंद कराने का सुझाव भी दिया।
प्रदर्शनकारियों ने रविवार को झारखंड के सभी 24 जिलों के जिला मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाने की भी घोषणा की है।
पहली बार मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग
JPSC-JSSC Reform मंच ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। मंच की प्रमुख मांगों में JSSC-CGL परीक्षा और 11वीं-13वीं JPSC परीक्षा को रद्द करना तथा कथित गड़बड़ियों की CBI जांच कराना शामिल है।
प्रदर्शनकारी यह भी चाहते हैं कि मामले की जांच झारखंड के बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के एक पैनल से कराई जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठे।
आंदोलनकारियों ने सत्ताधारी JMM और कांग्रेस पर उनके मुद्दों को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि JMM-कांग्रेस गठबंधन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है।
JPSC-JSSC Reform मंच के नेता रवींद्र पासवान ने कहा, “हम 20 अगस्त को मुख्यमंत्री के घर का घेराव करेंगे। हम उनका इस्तीफा चाहते हैं, क्योंकि JMM और कांग्रेस दोनों हमारे साथ राजनीति कर रहे हैं। अगर मुख्यमंत्री हमारी बात नहीं सुन रहे हैं, तो राहुल गांधी को JMM के नेतृत्व वाले गठबंधन से समर्थन वापस ले लेना चाहिए।”
प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि राहुल गांधी ने पहले उनके आंदोलन के प्रति समर्थन जताया था, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
स्टूडेंट्स की मांग है कि अगर कांग्रेस उनकी चिंताओं पर कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं है, तो उसे JMM के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार से समर्थन वापस ले लेना चाहिए।
स्वतंत्रता दिवस पर निकाली तिरंगा यात्रा
शनिवार को आंदोलन के 22वें दिन हजारों स्टूडेंट्स और नौकरी के अभ्यर्थियों ने रांची में तिरंगा यात्रा निकाली। यह यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में राष्ट्रीय ध्वज था और वे “भारत माता की जय” तथा “वंदे मातरम” के नारे लगा रहे थे। भूख हड़ताल पर बैठे दो प्रदर्शनकारी व्हीलचेयर पर इस मार्च में शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ अपनी परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को उठाना नहीं, बल्कि झारखंड की भर्ती व्यवस्था में युवाओं का भरोसा दोबारा कायम करना है।
JPSC-JSSC Reform मंच ने कहा, “आजादी का मतलब सिर्फ अंग्रेजों से आजादी नहीं है, बल्कि मौकों की गैर-बराबरी, भ्रष्टाचार और नाइंसाफी से आजादी भी है।”
देवेंद्र नाथ महतो को अस्पताल से निकलने से रोकने का आरोप
इस आंदोलन के दौरान JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो भी चर्चा में रहे। महतो पिछले 14 दिनों से भूख हड़ताल पर थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें सदर अस्पताल से बाहर निकलकर तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोक दिया।
घटना से जुड़े एक वीडियो में एक सुरक्षा अधिकारी महतो का रास्ता रोकते हुए दिखाई देता है। वीडियो में JLKM के कुछ कार्यकर्ता अधिकारी से महतो को यात्रा में शामिल होने देने की अपील करते नजर आते हैं। वहीं अधिकारी कथित तौर पर भूख हड़ताल कर रहे महतो को आराम करने देने की बात कहते दिखते हैं।
महतो ने सवाल उठाया कि उन्हें जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आयोजित मार्च में शामिल होने से क्यों रोका जा रहा है।
उन्होंने कहा, “80 साल बाद हमें एहसास हुआ है कि हमें सिर्फ नाम की आजादी मिली है। संविधान के किस नियम के तहत मुझे रोका जा रहा है?”
महतो ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को भटकाने की कोशिश की जा रही है। उनका दावा है कि आंदोलन शुरू होने के करीब एक महीने बाद कुछ लोग इसे खत्म कराने की कोशिश कर रहे हैं।
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का यह आंदोलन अब लगातार उग्र रूप लेता जा रहा है। प्रदर्शनकारी परीक्षाओं को रद्द करने, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग पर अड़े हैं। वहीं, 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव के ऐलान के बाद आने वाले दिनों में आंदोलन के और तेज होने की संभावना है।
