अमेरिकी ओपन में इतिहास रचने उतरेंगी आर्यना सबालेंका, सबसे बड़ी चुनौती होगा अपना खोया आत्मविश्वास

Aryna Sabalenka steps out to make history at the US Open; her biggest challenge will be regaining her lost confidence
(File Photo: WTA)

चिरौरी न्यूज

न्यूयॉर्क: दुनिया की नंबर एक महिला टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका अमेरिकी ओपन में लगातार तीसरी बार महिला एकल खिताब जीतकर इतिहास रचने के इरादे से उतरेंगी। सबालेंका ने वर्ष 2024 और 2025 में लगातार अमेरिकी ओपन का खिताब अपने नाम किया था। इस बार खिताब जीतने पर वह उन चुनिंदा महिला खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो जाएंगी, जिन्होंने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में लगातार तीन बार जीत दर्ज की है।

हालांकि, इतिहास रचने की राह में सबालेंका की सबसे बड़ी चुनौती कोई रिकॉर्ड नहीं, बल्कि उनका अपना आत्मविश्वास हो सकता है।

सबालेंका ने वर्ष 2026 की शुरुआत बेहद शानदार अंदाज में की थी। उन्होंने इंडियन वेल्स और मियामी में लगातार खिताब जीतकर एक ही सत्र में दोनों प्रमुख हार्ड कोर्ट प्रतियोगिताएं जीतने की उपलब्धि हासिल की। सत्र के शुरुआती 27 मुकाबलों में सबालेंका ने 26 में जीत दर्ज की थी। उस समय वह तेज सतह वाले मुकाबलों में सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही थीं। लेकिन अप्रैल के बाद उनकी लय बिगड़ गई। इसके बाद खेले गए 24 मुकाबलों में उन्हें 7 हार का सामना करना पड़ा और वह किसी अन्य प्रतियोगिता के फाइनल तक नहीं पहुंच सकीं।

उनका सबसे ताजा झटका सिनसिनाटी प्रतियोगिता में लगा, जहां 20 वर्षीय चेक गणराज्य की खिलाड़ी सारा बेजलेक ने अंतिम 16 के मुकाबले में उन्हें 7-6, 6-4 से हरा दिया। खास बात यह रही कि सबालेंका दोनों सेटों में बढ़त बनाए हुए थीं, लेकिन वह मुकाबला अपने पक्ष में समाप्त नहीं कर सकीं।

एवर्ट और सेरेना की बराबरी का मौका

अमेरिकी ओपन के इतिहास में लगातार तीन या उससे अधिक खिताब जीतना बेहद दुर्लभ उपलब्धि है। खुले युग में केवल दो महिला खिलाड़ियों ने यह कारनामा किया है। क्रिस एवर्ट ने 1975 से 1978 तक लगातार चार बार अमेरिकी ओपन का खिताब जीता था। वहीं सेरेना विलियम्स ने 2012 से 2014 तक लगातार तीन बार यह प्रतियोगिता जीती।

अब सबालेंका के पास भी इसी खास सूची में शामिल होने का मौका है। पिछले कुछ वर्षों में अमेरिकी ओपन में उनकी निरंतरता शानदार रही है। वर्ष 2025 तक पिछले पांच संस्करणों में वह कम से कम क्वार्टर फाइनल तक पहुंची हैं। लेकिन इस बार लगातार तीसरा खिताब जीतने की राह पहले की तुलना में कहीं ज्यादा कठिन नजर आ रही है।

विरोधियों को दिखने लगी है कमजोरी?

पूर्व में सेरेना विलियम्स को प्रशिक्षण दे चुके रिक मैकी का मानना है कि सबालेंका के खेल में आई कमजोरी अब उनकी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों को भी नजर आने लगी है।

मैकी के अनुसार, सबालेंका पहले की तुलना में आधार रेखा से अधिक पीछे खेल रही हैं और कई मौकों पर रक्षात्मक स्थिति में दिखाई दे रही हैं। उनके मुताबिक, सबालेंका के आत्मविश्वास को भी झटका लगा है।

सबालेंका की सबसे बड़ी ताकत उनकी आक्रामक शैली और बेहद तेज प्रहार रहे हैं। लेकिन जब उनके शुरुआती आक्रामक शॉट सफल नहीं होते, तो वह लंबी रैलियों में अपेक्षाकृत अधिक कमजोर दिखाई देती हैं।

यही कारण है कि उनकी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी अब उन्हें हराने का भरोसा लेकर कोर्ट पर उतर रही हैं।

स्वियातेक, गॉफ और रिबाकिना से खतरा

अमेरिकी ओपन में सबालेंका को कई मजबूत खिलाड़ियों से चुनौती मिलने की संभावना है। इगा स्वियातेक ने हाल ही में टोरंटो में कनाडा ओपन जीतकर लगभग 11 महीने से चले आ रहे खिताबी सूखे को खत्म किया है। वह प्रतियोगिता के दूसरे हिस्से में हैं, इसलिए सबालेंका और स्वियातेक की भिड़ंत फाइनल से पहले नहीं हो सकती।

कोको गॉफ भी सबालेंका के लिए बड़ी चुनौती होंगी। 2023 की अमेरिकी ओपन विजेता गॉफ ने सिनसिनाटी में खिताब जीतकर अपनी शानदार तैयारी का संकेत दिया है। उनकी तेज गति, मजबूत रक्षात्मक खेल और मौके मिलते ही आक्रमण करने की क्षमता उन्हें बेहद खतरनाक बनाती है।

एलेना रिबाकिना भी खिताब की दावेदारों में शामिल हैं। हालांकि सिनसिनाटी में स्वियातेक के खिलाफ मुकाबले के दौरान टखने में चोट लगने के कारण उन्हें पांच खेलों के बाद मुकाबला छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने अमेरिकी ओपन की मिश्रित युगल प्रतियोगिता से भी अपना नाम वापस ले लिया।

इनके अलावा फ्रेंच ओपन विजेता मिर्रा आंद्रीवा, विम्बलडन विजेता लिंडा नोस्कोवा, जेसिका पेगुला और दो बार की अमेरिकी ओपन विजेता नाओमी ओसाका भी बड़ी चुनौती पेश कर सकती हैं।

महिला टेनिस में मुकाबला कितना कड़ा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2025 की शुरुआत से अब तक सात अलग-अलग महिला खिलाड़ियों ने प्रमुख ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिताएं जीती हैं।

दुनिया की नंबर एक रैंकिंग पर भी दबाव

सबालेंका के सामने अमेरिकी ओपन का खिताब बचाने के साथ-साथ दुनिया की नंबर एक रैंकिंग बनाए रखने की चुनौती भी है। सिनसिनाटी में सबालेंका के जल्दी बाहर होने के बाद रिबाकिना के पास नंबर एक बनने का मौका था। लेकिन स्वियातेक के खिलाफ मुकाबला बीच में छोड़ने के कारण वह इस मौके का फायदा नहीं उठा सकीं।

इस तरह सबालेंका अमेरिकी ओपन से पहले भी दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनी हुई हैं।

पहले मुकाबले में कैमिला ओसोरियो से सामना

अमेरिकी ओपन में सबालेंका का पहला मुकाबला कैमिला ओसोरियो से होगा। उनके हिस्से में बारबोरा क्रेजिकोवा, डायना श्नाइडर और विम्बलडन विजेता लिंडा नोस्कोवा जैसी मजबूत खिलाड़ियों से संभावित मुकाबले भी मौजूद हैं। सबालेंका के पास न्यूयॉर्क में बड़े मुकाबलों का भरपूर अनुभव है। उनके पास शानदार शक्ति, अनुभव और प्रमुख प्रतियोगिताओं में सफलता का रिकॉर्ड है।

लेकिन इस बार सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वह उस आत्मविश्वास को फिर से हासिल कर पाएंगी, जिसने पिछले दो वर्षों में उनकी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों के मन में डर पैदा किया था। अगर सबालेंका लगातार तीसरी बार अमेरिकी ओपन का खिताब जीतने में सफल रहती हैं, तो उनका नाम क्रिस एवर्ट और सेरेना विलियम्स जैसी दिग्गज खिलाड़ियों के साथ इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा।

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