रोजर फेडरर टेनिस हॉल ऑफ फेम में शामिल, पत्नी मिर्का के भाषण ने भावुक कर दिया

चिरौरी न्यूज
न्यू पोर्ट: टेनिस के महानतम खिलाड़ियों में शुमार रोजर फेडरर के लिए शनिवार की रात बेहद खास रही। उन्हें इंटरनेशनल टेनिस हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया, लेकिन इस ऐतिहासिक मौके पर फेडरर को सबसे ज्यादा भावुक उनकी पत्नी मिर्का के भाषण ने किया। मिर्का ने जब मंच से फेडरर को संबोधित किया तो 45 वर्षीय स्विस दिग्गज की आंखों में आंसू आ गए और वह खुद को संभालने की कोशिश करते नजर आए।
मिर्का का भाषण खत्म होने के बाद फेडरर मंच की ओर बढ़े, उन्हें गले लगाया और चूमा। इसके बाद आंसू पोंछते हुए उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “ओह मैन… वह बहुत अच्छी पब्लिक स्पीकर हैं। मुझे नहीं पता था।”
फेडरर ने बताया कि उन्होंने मिर्का को इतने लंबे समय बाद सार्वजनिक रूप से बोलते हुए सुना। उनके मुताबिक, आखिरी बार उन्होंने मिर्का को सार्वजनिक तौर पर करीब 24 साल पहले हॉपमैन कप में बोलते सुना था।
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— International Tennis Hall of Fame (@TennisHalloFame) August 30, 2026
उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मुझे नहीं पता कि तुमने गुपचुप तरीके से इसकी प्रैक्टिस की थी या नहीं, लेकिन यह बहुत हाई लेवल था और अब मेरे लिए इसे फॉलो करना काफी मुश्किल है।”
सिडनी ओलंपिक में शुरू हुई थी प्रेम कहानी
मिर्का ने अपने भाषण की शुरुआत साल 2000 के सिडनी ओलंपिक से की, जहां दोनों पहली बार मिले थे। उस समय फेडरर 18 साल के और मिर्का 21 साल की थीं।
मिर्का ने मजाक करते हुए कहा, “हां, मैं उम्र में बड़ी थी। लेकिन लगता है रोजर ने तभी तय कर लिया था कि उम्र सिर्फ एक नंबर है। उन्होंने मेरा पीछा जारी रखा और शुक्र है कि वह लगातार कोशिश करते रहे।” मिर्का ने यह भी याद किया कि जब दोनों मिले थे, तब फेडरर के नाम एक भी ATP खिताब नहीं था।
उन्होंने कहा, “जब हम मिले थे, उनके नाम बिल्कुल शून्य ATP खिताब थे। पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि उसके बाद आए सभी 103 खिताबों के दौरान भी मैं उनके साथ थी।”
एंडी रॉडिक का मजेदार कमेंट भी किया याद
मिर्का खुद भी पूर्व प्रोफेशनल टेनिस खिलाड़ी रही हैं और फेडरर के करियर के दौरान कई बार उनके साथ प्रैक्टिस में मदद करती थीं। उन्होंने एक मजेदार किस्सा सुनाते हुए बताया कि सिनसिनाटी फाइनल हारने के बाद एंडी रॉडिक ने मजाक में कहा था, “मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि मैं उस खिलाड़ी से हार गया जिसकी गर्लफ्रेंड उसे वार्म-अप कराती है।”
मिर्का ने कहा कि आज भी दोनों इस घटना को याद करके मुस्कुराते हैं। हालांकि, इसके बाद उनका भाषण भावुक हो गया। उन्होंने कहा कि रोजर हमेशा चाहते थे कि उनके करीबी लोग उनके आसपास रहें और यही उनकी सबसे पसंदीदा खूबियों में से एक है।
‘परिवार के लिए टेनिस छोड़ने को तैयार थे फेडरर’
मिर्का ने फेडरर को सिर्फ महान टेनिस खिलाड़ी के तौर पर नहीं, बल्कि एक पति और पिता के रूप में भी याद किया। उन्होंने बताया कि जब उन्हें पहली बार जुड़वां बच्चों के आने की खबर मिली तो उन्हें चिंता हुई कि दो बच्चों के साथ लगातार टेनिस टूर पर यात्रा करना बेहद मुश्किल होगा। उस समय उन्होंने फेडरर से कहा था कि शायद अब उनकी यात्रा खत्म हो जाएगी। फेडरर ने जवाब दिया था, “तो फिर मैं भी नहीं खेलूंगा।”
मिर्का के अनुसार, फेडरर मजाक नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा, “वह यही हैं। उनके लिए परिवार सबसे पहले आता है।”
बाद में दोनों ने ऐसा रास्ता निकाला कि परिवार के साथ फेडरर का टेनिस करियर भी जारी रहा। बच्चों के साथ यात्रा करते हुए स्ट्रॉलर, खिलौने और किताबें भी टेनिस टूर का हिस्सा बन गए। बाद में उनके दूसरे जुड़वां बच्चे भी हुए।
उनके चार बच्चे, मायला, शार्लीन, लियो और लेनी, के लिए फेडरर दुनिया के महान टेनिस खिलाड़ी नहीं, बल्कि सिर्फ उनके ‘पापा’ थे। मिर्का ने कहा कि वह बच्चों को कहानियां पढ़ते, उनके साथ खेलते, उन्हें नहलाते और व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद उनके लिए समय निकालते थे।
मिर्का ने फेडरर के माता-पिता रॉबर्ट और लिनेट को भी श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने रोजर को चैंपियन बनाने के साथ-साथ एक अच्छा इंसान भी बनाया और उनमें विनम्रता, आभार और दूसरों का सम्मान करने जैसे मूल्य विकसित किए।
मिर्का ने कहा, “ट्रॉफियां और रिकॉर्ड शानदार हैं, लेकिन वे उनकी विरासत का सिर्फ एक हिस्सा हैं। मुझे सबसे ज्यादा गर्व इस बात पर है कि रोजर तब कौन हैं, जब उन्हें कोई नहीं देख रहा होता।”
अपने भाषण के अंत में उन्होंने फेडरर को अपने पति, सबसे अच्छे दोस्त और अब इंटरनेशनल टेनिस हॉल ऑफ फेम के नए सदस्य के रूप में पेश किया।
मिर्का की बात करते हुए फिर छलक पड़े आंसू
जब फेडरर की बारी आई तो वह अपने बचपन के हीरो स्टीफन एडबर्ग, लंबे समय तक रहे कोच सेवेरिन लुथी और अपने करियर में साथ देने वाले तमाम लोगों को याद करते हुए भावुक हो गए। लेकिन मिर्का का जिक्र आते ही उनकी भावनाएं फिर से हावी हो गईं। उन्होंने कहा, “अब मिर्का वाला हिस्सा…” और कुछ पल के लिए रुक गए। इसके बाद उन्होंने मजाक में कहा कि उन्हें टिश्यू और सनग्लासेस की जरूरत है।
फेडरर ने मिर्का को अपनी पत्नी के अलावा अपना कोच, मैचों से पहले हिटिंग पार्टनर, रियलिटी चेक और यहां तक कि अपना स्टाइलिस्ट भी बताया। एंडी रॉडिक के किस्से को याद करते हुए उन्होंने मजाक किया, “एंडी, सॉरी मैन।”
‘फेम कभी मेरा लक्ष्य नहीं था’
फेडरर ने अपने शानदार करियर में 20 ग्रैंड स्लैम खिताब, 103 ATP खिताब और 310 सप्ताह तक वर्ल्ड नंबर-1 रहने की उपलब्धियां हासिल कीं। लेकिन हॉल ऑफ फेम में शामिल होने के मौके पर उन्होंने कहा कि उनके लिए ये आंकड़े सबसे महत्वपूर्ण नहीं हैं।
उन्होंने कहा, “यह मेरी जिंदगी के सबसे बड़े सम्मानों में से एक है। वे इसे हॉल ऑफ फेम कहते हैं, लेकिन प्रसिद्धि कभी मेरा लक्ष्य नहीं थी।” फेडरर ने कहा कि उनका लक्ष्य उस खेल को जिंदगी भर खेलना था जिसे वह प्यार करते थे और ऐसे लोगों के साथ रहना था जो उस खेल को उतना ही प्यार करते थे।
उन्होंने कहा, “टेनिस मेरे लिए पूरी दुनिया था। सिर्फ खेलना या जीतना ही नहीं, बल्कि कुछ नया बनाना भी।” बासेल में अपने बचपन, बॉल बॉय के रूप में बिताए दिनों और अपने आदर्श खिलाड़ियों को करीब से देखने की यादों को साझा करते हुए फेडरर ने माता-पिता, कोच, प्रतिद्वंद्वियों, दोस्तों और प्रशंसकों का शुक्रिया अदा किया।
अंत में उन्होंने कहा कि वह अभी भी टेनिस के लिए अपना “लव लेटर” लिख रहे हैं। उनका खेलना भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन टेनिस उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा बना रहेगा।
न्यू पोर्ट की यह शाम फेडरर के महान करियर का सम्मान करने के लिए थी, लेकिन अंततः यह उस रिश्ते की कहानी बन गई जिसने उनके पूरे सफर में उनका साथ दिया। 25 साल तक रैकेट के साथ दुनिया को मंत्रमुग्ध करने वाले फेडरर इस बार कोर्ट से दूर भावुक नजर आए और इस बार सुर्खियों के केंद्र में वह खुद नहीं, बल्कि उनके साथ हर कदम पर खड़ी रहीं मिर्का फेडरर थीं।
