बार-बार नो-बॉल पर भड़के सुनील गावस्कर, गेंदबाजों पर जुर्माने का दिया सुझाव

Sunil Gavaskar fumes over repeated no-balls; suggests fines for bowlersचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: भारत और श्रीलंका के बीच खेली गई दो मैचों की टेस्ट सीरीज में रविंद्र जडेजा की लगातार नो-बॉल चर्चा का विषय रही। अब भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाजों के बार-बार ओवरस्टेप करने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

गावस्कर का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में नो-बॉल जैसी गलती पूरी तरह गेंदबाज के नियंत्रण में होती है और बार-बार इस गलती को दोहराने वाले खिलाड़ियों को इसकी कीमत चुकानी चाहिए।

जडेजा ने दोनों टेस्ट मैचों में कई नो-बॉल फेंकीं। आंकड़ों के मुताबिक, 2021 से अब तक वह 85 से ज्यादा नो-बॉल कर चुके हैं। वहीं, अपना डेब्यू कर रहे सारांश जैन को भी कोलंबो टेस्ट की दूसरी पारी में फ्रंट-फुट अनुशासन बनाए रखने में परेशानी हुई और उन्होंने कई बार क्रीज पार की।

‘ओवरस्टेपिंग के लिए कोई बहाना नहीं’

गावस्कर ने मिड-डे में अपने कॉलम में लिखा कि नो-बॉल की समस्या पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि इससे मैच का रंग बदल सकता है।

उन्होंने कहा कि क्रिकेट में कुछ ही चीजें ऐसी हैं जो पूरी तरह खिलाड़ियों के नियंत्रण में होती हैं। बल्लेबाज का सही तरीके से गार्ड लेना और गेंदबाज का नो-बॉल न करना उनमें शामिल हैं।गावस्कर ने कहा कि आज के समय में गेंदबाज के रन-अप को सही तरीके से नापने के लिए टेप उपलब्ध है, इसलिए बॉलिंग क्रीज से आगे निकलने का कोई बहाना नहीं होना चाहिए।

भारत के स्पिन गेंदबाजी कोच सैराज बहुतुले ने मजाकिया अंदाज में सुझाव दिया था कि नो-बॉल के बाद फ्री हिट देने से गेंदबाजों को ओवरस्टेपिंग से बचने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, गावस्कर इससे बिल्कुल सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजों के लिए रन बनाना और आसान करने की जरूरत नहीं है। गावस्कर ने कहा कि पहले ही एक ओवर में बाउंसर की संख्या दो तक सीमित होने और बाउंड्री छोटी होने के कारण बल्लेबाजों के लिए रन बनाना कुछ आसान हुआ है। ऐसे में नो-बॉल पर फ्री हिट देना टेस्ट क्रिकेट के लिए सही कदम नहीं होगा।

हर नो-बॉल पर लगे जुर्माना, अगली बार दोगुना हो

गावस्कर ने इसके बजाय आर्थिक जुर्माने का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि गेंदबाज के हर बार ओवरस्टेप करने पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए और अगर वह दोबारा वही गलती करता है तो जुर्माने की रकम दोगुनी होनी चाहिए। उन्होंने लिखा कि सिर्फ गेंदबाज ही नहीं, बल्कि बॉलिंग कोच पर भी गेंदबाज के जुर्माने की आधी रकम का जुर्माना लगाया जाना चाहिए।

गावस्कर ने मजाकिया अंदाज में यह भी सुझाव दिया कि इस तरह इकट्ठा होने वाली जुर्माने की रकम का इस्तेमाल टीम के खिलाड़ियों के आखिरी डिनर के लिए किया जा सकता है।

फील्डिंग की गलतियों पर भी जुर्माना लगाने का सुझाव

गावस्कर यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि टीम के अंदर फील्डिंग के दौरान होने वाली अन्य गलतियों पर भी जुर्माना लगाया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर उन्होंने थ्रो के समय बैकअप के लिए सही जगह पर मौजूद नहीं रहने जैसी गलतियों का जिक्र किया। उनका सुझाव है कि टीम के खिलाड़ी सामूहिक रूप से वोट करके तय कर सकते हैं कि किसी गलती पर जुर्माना लगाया जाए या नहीं। गावस्कर के मुताबिक, इससे टीम के बीच मजेदार माहौल बनने के साथ-साथ टीम बॉन्डिंग भी मजबूत हो सकती है।

भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत ने 1-0 से जीत दर्ज की। गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में भारत ने शानदार जीत हासिल की थी।

कोलंबो में दूसरा टेस्ट ड्रॉ रहा। श्रीलंका की ओर से सोनल दिनुषा ने नाबाद 133 रन की पारी खेलकर अपनी टीम को पांचवें दिन हार से बचा लिया। भारत ने पहली पारी में 213 रन की बढ़त हासिल की थी, लेकिन इसके बावजूद टीम मैच में जीत हासिल नहीं कर सकी। इस तरह सीरीज भारत के नाम 1-0 रही।

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