‘हनुमान अंश’ की कमाई ने पकड़ी रफ्तार, 37वें दिन भी सिनेमाघरों में मजबूत पकड़
चिरौरी न्यूज
मुंबई: विशाल चतुर्वेदी की धार्मिक-आध्यात्मिक फिल्म ‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार अपनी पकड़ बनाए हुए है। फिल्म ने रिलीज के 37वें दिन यानी छठे शनिवार को भारत में 18.50 करोड़ रुपये की नेट कमाई की। Sacnilk के मुताबिक, एक दिन पहले शुक्रवार को फिल्म ने 10.50 करोड़ रुपये कमाए थे। इस तरह शनिवार की कमाई में करीब 76.2 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया।
शनिवार को फिल्म के 7,449 शो रखे गए, जबकि शुक्रवार को 5,743 शो थे। फिल्म की ऑक्यूपेंसी भी 38 फीसदी से बढ़कर 52 फीसदी पहुंच गई।
236 करोड़ के पार पहुंचा वर्ल्डवाइड कलेक्शन
नवीनतम आंकड़ों के बाद ‘हनुमान अंश’ की भारत में नेट कमाई 192.13 करोड़ रुपये हो गई है। वहीं, भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन करीब 227 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।
ओवरसीज मार्केट से फिल्म ने करीब 9.50 करोड़ रुपये कमाए हैं। इसके साथ ही फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन बढ़कर 236.50 करोड़ रुपये हो गया है। 12 सितंबर को फिल्म के हिंदी 2D वर्जन की कुल ऑक्यूपेंसी 56.31 फीसदी रही। सुबह के शो में 29.77 फीसदी, दोपहर में 60.31 फीसदी, शाम में 66.46 फीसदी और रात के शो में सबसे ज्यादा 68.69 फीसदी ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई।
शुरुआत में कम हो गए थे स्क्रीन
‘हनुमान अंश’ के लिए बॉक्स ऑफिस सफर की शुरुआत आसान नहीं रही। रिलीज के बाद ‘बंटवारा 1947’ और ‘अवारापन 2’ जैसी फिल्मों के आने से इसके स्क्रीन काउंट में भारी गिरावट आई और फिल्म महज 25 स्क्रीन तक सिमट गई थी।
हालांकि, ‘बंटवारा 1947’ के उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करने के बाद ‘हनुमान अंश’ के स्क्रीन धीरे-धीरे बढ़ने लगे। दर्शकों की प्रतिक्रिया भी बेहतर होती गई और सिनेमाघरों में फिल्म देखने के लिए भीड़ जुटने लगी।
फिल्म के लगातार प्रमोशन का असर निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की सेहत पर भी पड़ा है। अब वह मुंबई लौट रहे हैं। विशाल के मुताबिक, मुंबई में गणेश उत्सव शुरू हो रहा है और इस दौरान वह अलग-अलग पंडालों में जाकर भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने के साथ लोगों का धन्यवाद करेंगे।
बाबा नीम करोली के जीवन से प्रेरित है फिल्म
विशाल चतुर्वेदी द्वारा लिखित और निर्देशित ‘हनुमान अंश’ उत्तराखंड के प्रसिद्ध संत बाबा नीम करोली के जीवन से प्रेरित कहानी है। उनका वास्तविक नाम लक्ष्मण नारायण शर्मा था।
करीब 1.75 करोड़ रुपये के बजट में बनी यह फिल्म एक ऐसे युवा लक्ष्मी नारायण की कहानी दिखाती है, जो अपनी मां की मृत्यु के बाद दुख और जीवन के सवालों से जूझते हुए ईश्वर की तलाश में आध्यात्मिक यात्रा पर निकल पड़ता है।
उत्तर भारत की यात्रा के दौरान वह जीवन, मृत्यु और मानवीय पीड़ा से जुड़े सवालों के जवाब खोजता है और धीरे-धीरे एक ऐसे संत के रूप में विकसित होता है, जिनकी प्रेम, सेवा और करुणा की शिक्षाओं ने अनगिनत लोगों को प्रभावित किया।
फिल्म में शोभिनव सत्य मुख्य भूमिका में हैं। उनके साथ विहान शेडगे, चंदन के. आनंद, पूर्णिमा तिवारी, अनिल रस्तोगी, गुलशन पांडे और भागवंदास पटेल भी अहम भूमिकाओं में हैं।
