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मेरे टैलेंट का सिर्फ 25 प्रतिशत हिस्सा ही इस्तेमाल हो पाया: मनोज बाजपेयी

Only 25 percent of my talent has been utilized: Manoj Bajpayeeचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: मनोज बाजपेयी का मानना ​​है कि हिंदी सिनेमा प्रतिभाशाली कलाकारों (खुद उन्हें भी मिलाकर) का पूरा इस्तेमाल करने में नाकाम रहा है। बाजपेयी ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में दशकों बिताने के बाद, उन्हें लगा कि कई कलाकारों को बहुत सीमित रोल दिए गए, क्योंकि फिल्म निर्माता उन्हें बार-बार एक जैसे किरदार ही देते रहे।

उन्होंने अपनी नई नेटफ्लिक्स फिल्म ‘गजब रात’ के प्रमोशन के दौरान कहा कि इस वजह से कई कलाकार अपनी असली क्षमता नहीं दिखा पाए। बाजपेयी ने यह भी बताया कि दर्शकों ने उनकी एक्टिंग का बस एक छोटा सा हिस्सा ही देखा है; उनका मानना ​​है कि अब तक उनके टैलेंट का सिर्फ 25 प्रतिशत हिस्सा ही इस्तेमाल हो पाया है।

‘ज़ूम’ के साथ बातचीत में बाजपेयी ने कहा, “स्टीरियोटाइपिंग (एक ही तरह के रोल में बांध देना) सबके साथ होता है। इस इंडस्ट्री में हमने ऐसा करके कई कलाकारों का टैलेंट बर्बाद कर दिया है। इस इंडस्ट्री पर हमेशा से यह दाग रहा है कि इसने बेहतरीन टैलेंट को बर्बाद कर दिया—चाहे वह सेट पर उनके साथ किए गए बर्ताव की बात हो, या उन्हें दिए गए किरदारों की। कई लोग तो बिना किसी पहचान के ही गुमनामी में खो गए।”

“मैंने हमेशा यही कहा है कि मेरी एक्टिंग क्षमता का सिर्फ 25 प्रतिशत ही इस्तेमाल हुआ है। अभी बहुत कुछ बाकी है। लेकिन मुझे लगता है कि यह एक कलाकार का लालच या उसकी भूख है। मुझे खुशी है कि मेरे अंदर अभी भी कुछ कर दिखाने की आग बाकी है, और मैं हमेशा अपने अगले प्रोजेक्ट का बेसब्री से इंतज़ार करता रहता हूँ।”

मनोज बाजपेयी का मानना ​​है कि OTT प्लेटफॉर्म्स ने फिल्म इंडस्ट्री में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। उन्होंने कहा कि जिन कलाकारों के साथ पहले बुरा बर्ताव होता था, उन्हें अब अपनी प्रतिभा दिखाने के बेहतर मौके मिल रहे हैं।

‘गजब रात’ नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। इसमें मनोज बाजपेयी के साथ नुसरत भरुचा, साकिब सलीम, अक्षय ओबेरॉय, दिव्या दत्ता, कीकू शारदा और श्रद्धा दास मुख्य भूमिकाओं में हैं।

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