CBFC का नया पैनल तैयार, जानिए कौन हैं ये सदस्य और क्या होगी जिम्मेदारी
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का नया 18 सदस्यीय पैनल गठित कर दिया गया है। इस नई टीम में भारतीय सिनेमा, टेलीविजन, संगीत, थिएटर, साहित्य और फिल्म आलोचना से जुड़े कई चर्चित नाम शामिल हैं। अभिनेत्री प्रीति जिंटा, अभिनेता सुनील शेट्टी, पंकज त्रिपाठी, मनोज जोशी, प्रोसेंजीत चटर्जी, पल्लवी जोशी और रूपाली गांगुली के अलावा फिल्ममेकर प्रियदर्शन और ग्रैमी अवॉर्ड विजेता संगीतकार रिकी केज भी इस पैनल का हिस्सा हैं।
नए सदस्यों का कार्यकाल तीन साल का होगा। यह पैनल फिल्मों की जांच और उनके प्रमाणन से जुड़े फैसलों की प्रक्रिया में CBFC के साथ काम करेगा। यानी किसी फिल्म को किस श्रेणी में प्रमाणित किया जाए और मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत उसके प्रमाणन से जुड़े मामलों पर विचार करने में इन सदस्यों की भूमिका होगी।
खास बात यह है कि नए पैनल में केवल अभिनेता या फिल्म निर्माता ही नहीं हैं। इसमें संगीतकार, लेखक, कवि, फिल्म समीक्षक और थिएटर से जुड़े लोग भी शामिल किए गए हैं। इससे भारतीय मनोरंजन की अलग-अलग विधाओं का अनुभव प्रमाणन प्रक्रिया में शामिल होता है।
कौन हैं CBFC के नए 18 सदस्य?
1. विनोद अनुपम
विनोद अनुपम राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म समीक्षक हैं। भारतीय सिनेमा पर उनकी लंबे समय से पकड़ रही है। उनका लेखन फिल्मों को केवल मनोरंजन या बॉक्स ऑफिस के नजरिए से नहीं, बल्कि संस्कृति और समाज के संदर्भ में भी देखता है।
2. मनोज जोशी
‘हंगामा’, ‘भूल भुलैया’ और ‘फिर हेरा फेरी’ जैसी फिल्मों से दर्शकों के बीच पहचान बनाने वाले मनोज जोशी हिंदी, मराठी और गुजराती मनोरंजन जगत का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की और बाद में फिल्मों में चरित्र अभिनेता के तौर पर मजबूत पहचान बनाई।
3. अभिषेक जैन
अभिषेक जैन ने गुजराती सिनेमा को नई पहचान देने वाली फिल्मों में काम किया है। ‘केवी रिते जईश’ और ‘बे यार’ जैसी फिल्मों से वह चर्चा में आए। बाद में उन्होंने हिंदी सिनेमा में भी कदम रखा और ‘हम दो हमारे दो’ का निर्देशन किया।
4. रिकी केज
तीन बार ग्रैमी पुरस्कार जीत चुके संगीतकार रिकी केज पैनल में संगीत की दुनिया का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके संगीत में भारतीय ध्वनियों और वैश्विक संगीत का मेल देखने को मिलता है। ‘Winds of Samsara’ और ‘Divine Tides’ उनके चर्चित एल्बमों में शामिल हैं।
5. प्रियदर्शन
भारतीय सिनेमा के चर्चित निर्देशकों में शामिल प्रियदर्शन खास तौर पर कॉमेडी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। ‘हेरा फेरी’, ‘हंगामा’, ‘गरम मसाला’ और ‘भूल भुलैया’ जैसी लोकप्रिय फिल्मों का निर्देशन उन्होंने किया है। इसके अलावा उन्होंने अलग-अलग भाषाओं में भी फिल्में बनाई हैं।
6. सुनील शेट्टी
सुनील शेट्टी ने अपने लंबे फिल्मी करियर में एक्शन, रोमांस, ड्रामा और कॉमेडी जैसी कई शैलियों में काम किया है। ‘मोहरा’, ‘बॉर्डर’, ‘धड़कन’ और ‘हेरा फेरी’ जैसी फिल्मों में उनके काम को दर्शकों ने पसंद किया। नए पैनल में वह मुख्यधारा के हिंदी सिनेमा के अनुभवी चेहरों में से एक हैं।
7. हंसराज हंस
पंजाबी लोक और सूफी संगीत की दुनिया में हंसराज हंस का लंबा अनुभव है। उन्होंने भक्ति संगीत से लेकर पंजाबी और फिल्मी गीतों तक कई तरह के संगीत में योगदान दिया है। ‘तेरे इश्क नचाया’, ‘नित खैर मंगा’ और ‘मेरे नैना विच’ जैसे गीत उनके लोकप्रिय काम में शामिल हैं।
8. सुप्रिया यरलागड्डा
सुप्रिया यरलागड्डा ने ‘अक्कड़ा अम्मायी इक्कड़ा अब्बायी’ से अभिनय की शुरुआत की थी, जिसमें वह पवन कल्याण के साथ नजर आई थीं। बाद में उन्होंने अभिनय के साथ-साथ फिल्म निर्माण से जुड़े कामों में भी सक्रिय भूमिका निभाई और तेलुगु सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
9. यतींद्र मिश्रा
यतींद्र मिश्रा कवि, लेखक और संगीत के अध्येता हैं। भारतीय संगीत की परंपरा और उसके दिग्गज कलाकारों पर उन्होंने विस्तार से काम किया है। उनके लेखन में लता मंगेशकर और उस्ताद बिस्मिल्लाह खान जैसी महान हस्तियों के जीवन और कला पर भी चर्चा मिलती है।
10. रूपाली गांगुली
टेलीविजन की लोकप्रिय अभिनेत्री रूपाली गांगुली को ‘साराभाई वर्सेज साराभाई’ की मोनिशा के किरदार से खास पहचान मिली। बाद में ‘अनुपमा’ ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बनाया। उनके अनुभव में टेलीविजन की कॉमेडी और ड्रामा, दोनों शैलियां शामिल हैं।
11. प्रीति जिंटा
प्रीति जिंटा 2000 के दशक की चर्चित हिंदी फिल्म अभिनेत्रियों में रही हैं। ‘दिल से..’, ‘क्या कहना’, ‘कल हो ना हो’ और ‘वीर-जारा’ जैसी फिल्मों में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। अभिनय के अलावा वह फिल्म निर्माण और खेल जगत से भी जुड़ी रही हैं।
12. नीला माधब पांडा
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्देशक नीला माधब पांडा सामाजिक और पर्यावरणीय विषयों पर फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं। ‘जलपरी: द डेजर्ट मरमेड’ और ‘कड़वी हवा’ उनके चर्चित प्रोजेक्ट्स में शामिल हैं।
13. पंकज त्रिपाठी
पंकज त्रिपाठी ने ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, ‘मसान’, ‘मिर्जापुर’ और ‘स्त्री’ जैसी फिल्मों और सीरीज के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। छोटे से छोटे किरदार को प्रभावशाली बनाने की उनकी क्षमता के लिए उन्हें व्यापक रूप से जाना जाता है।
14. प्रोसेंजीत चटर्जी
बंगाली सिनेमा के बड़े सितारों में शामिल प्रोसेंजीत चटर्जी ने मुख्यधारा की फिल्मों के साथ-साथ गंभीर और प्रदर्शन-केंद्रित सिनेमा में भी काम किया है। ‘चोखेर बाली’, ‘ऑटोग्राफ’ और ‘प्रक्तन’ उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं।
15. पल्लवी जोशी
पल्लवी जोशी ने टेलीविजन और फिल्मों दोनों में लंबे समय तक काम किया है। ‘द ताशकंद फाइल्स’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ जैसी फिल्मों में उनकी भूमिकाएं चर्चा में रही हैं। वह अभिनय के साथ फिल्म निर्माण से भी जुड़ी रही हैं।
16. निशिगंधा वाड
मराठी सिनेमा और टेलीविजन की जानी-पहचानी अभिनेत्री निशिगंधा वाड ने कई फिल्मों और टीवी प्रोजेक्ट्स में काम किया है। ‘सर्जा’, ‘निवडुंग’ और ‘तुझी माझी जमली जोडी’ उनके चर्चित कामों में शामिल हैं। अभिनय के अलावा वह लेखन और अकादमिक क्षेत्र से भी जुड़ी रही हैं।
17. वामन केंद्रे
वामन केंद्रे थिएटर और थिएटर प्रशिक्षण की दुनिया में जाना-पहचाना नाम हैं। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से उनका जुड़ाव रहा है और उन्होंने लंबे समय तक कलाकारों तथा थिएटर से जुड़े लोगों के प्रशिक्षण में योगदान दिया है।
18. रमेश पतंगे
रमेश पतंगे लेखक, संपादक और सामाजिक टिप्पणीकार हैं। उनके लेखन में समाज, संस्कृति, सामाजिक सुधार और संवैधानिक मूल्यों जैसे विषय शामिल रहे हैं। डॉ. बी.आर. आंबेडकर और सामाजिक समरसता जैसे मुद्दों पर भी उन्होंने लिखा है।
आखिर CBFC के इस पैनल की भूमिका क्या होगी?
CBFC फिल्मों के सार्वजनिक प्रदर्शन से पहले उनके प्रमाणन की प्रक्रिया देखता है। नए 18 सदस्यीय पैनल के सदस्य इसी प्रक्रिया में बोर्ड का हिस्सा होंगे। वे फिल्मों की जांच से जुड़े काम में शामिल होंगे और मौजूदा कानूनी ढांचे के तहत प्रमाणन से संबंधित निर्णय लेने में भूमिका निभाएंगे।
इस पैनल की खासियत इसकी विविधता है। इसमें बॉलीवुड के लोकप्रिय कलाकारों के साथ क्षेत्रीय सिनेमा, संगीत, साहित्य, फिल्म आलोचना और थिएटर से जुड़े लोग शामिल हैं। यानी फिल्म को केवल एक अभिनेता या निर्देशक के नजरिए से नहीं, बल्कि भारतीय मनोरंजन और संस्कृति के अलग-अलग अनुभवों के संदर्भ में देखने वाले लोग भी बोर्ड की प्रक्रिया का हिस्सा होंगे।
नया पैनल तत्काल प्रभाव से काम करेगा और इसका कार्यकाल तीन साल रहेगा। वहीं, मई 2026 में CBFCके चेयरपर्सन नियुक्त किए गए शशि शेखर वेमपति अपने पद पर बने रहेंगे।
