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नीतीश कुमार रेड्डी के शानदार प्रदर्शन से प्रभावित सुनील गावस्कर, ‘भविष्य के लिए तैयार करें ऐसे ऑलराउंडर्स’

Sunil Gavaskar impressed by Nitish Kumar Reddy's brilliant performance: 'Groom such all-rounders for the future'चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: नई दिल्ली में मंगलवार को अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए दूसरे T20I मुकाबले में भारतीय ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी ने गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए 3/24 के आंकड़े दर्ज किए। उनके इस प्रदर्शन से पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज़ सुनील गावस्कर भी काफी प्रभावित नजर आए। गावस्कर ने नीतीश को भविष्य में भारत के लिए उपयोगी तेज़ गेंदबाज़ी ऑलराउंडर के तौर पर विकसित किए जाने की बात कही।

हार्दिक पांड्या के बाद तेज़ गेंदबाज़ी करने वाले ऑलराउंडर के विकल्प के रूप में देखे जा रहे नीतीश ने अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे T20I में कप्तान इब्राहिम ज़दरान, गुलबदीन नायब और राशिद खान के महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। उनके इस प्रदर्शन ने भारत को सीरीज़ में बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

सुनील गावस्कर ने सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर नीतीश के विकास को लेकर कहा कि जब उन्होंने IPL में शुरुआत की थी, तब उनकी पहचान मुख्य रूप से बल्लेबाज़ के तौर पर थी। हालांकि, बाद में उन्होंने गेंदबाज़ी पर भी काम करना शुरू किया और यहीं से एक प्रभावी ऑलराउंडर बनने की संभावनाएं दिखाई देने लगीं।

गावस्कर ने कहा, “नीतीश कुमार रेड्डी एक बहुत अच्छे खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। जब उन्होंने IPL में खेलना शुरू किया था, तो ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले अपने पहले सीज़न में वे उतने अच्छे गेंदबाज़ नहीं थे। वे ज़्यादातर बल्लेबाज़ के तौर पर जाने जाते थे। उनकी बल्लेबाज़ी की तकनीक बहुत अच्छी थी। पहले सीज़न के आखिर में उन्होंने कुछ ओवर फेंके और तभी लगा कि वे एक बहुत अच्छे ऑलराउंडर बन सकते हैं।”

गावस्कर ने वेंकटेश अय्यर और सूर्यांश शेडगे का भी जिक्र करते हुए कहा कि भारत के पास भविष्य के लिए कई प्रतिभाशाली ऑलराउंडर मौजूद हैं। हालांकि, उन्होंने इन खिलाड़ियों को जल्दबाज़ी में अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल करने के बजाय उन्हें पर्याप्त समय और सही मार्गदर्शन देने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, “वेंकटेश अय्यर और सूर्यांश शेडगे जैसे कई होनहार ऑलराउंडर हैं और उन्हें आगे बढ़ने का मौका दिया जाना चाहिए। उन्हें जल्दबाज़ी में टीम में नहीं लाना चाहिए। उन्हें तैयार करें और जब उनका कोई मैच अच्छा न हो, तब भी उनका हौसला बढ़ाएं।”

गावस्कर ने आगे कहा कि ऐसे खिलाड़ियों को अपनी गेंदबाज़ी को भी उतनी ही गंभीरता से लेना चाहिए जितनी बल्लेबाज़ी को लेते हैं। उनके मुताबिक, अगर बल्लेबाज़ी पर अधिक ध्यान देने वाले खिलाड़ी गेंदबाज़ की तरह सोचना भी शुरू कर दें, तो वे टीम के लिए और अधिक उपयोगी साबित हो सकते हैं।

उन्होंने कहा, “ये ऐसे खिलाड़ी हैं जिन पर आपको नज़र रखनी चाहिए। उनकी मदद करें और उन्हें अपनी गेंदबाज़ी को थोड़ा और गंभीरता से लेने के लिए प्रोत्साहित करें, क्योंकि वे मुख्य रूप से टीम में बल्लेबाज़ के तौर पर हैं। कभी-कभी जब आप टीम में मुख्य रूप से बल्लेबाज़ के तौर पर होते हैं, तो आप बल्लेबाज़ की तरह ही सोचते हैं। अगर वे थोड़ा-बहुत गेंदबाज़ की तरह सोचना शुरू कर दें, तो वे शानदार खिलाड़ी बन सकते हैं और भारत के पास भी ज्यादा विकल्प होंगे।”

नीतीश कुमार रेड्डी के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि वह चोट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं। IPL में शानदार प्रदर्शन के बाद चोट और रिहैबिलिटेशन के कारण उन्हें कई महीनों तक मैदान से दूर रहना पड़ा था।

उन्होंने बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैबिलिटेशन के दौरान अपनी फिटनेस पर काम किया। इस दौरान कुछ खराब प्रदर्शनों और लंबे ब्रेक के बावजूद उन्होंने सकारात्मक रवैया बनाए रखा।

2026 के IPL सीज़न में नीतीश ने 13 मैचों में 302 रन बनाए, जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल था। उन्होंने गेंदबाज़ी में भी प्रभाव छोड़ा और 140 किमी/घंटा तक की रफ्तार से गेंदबाज़ी करते हुए आठ विकेट हासिल किए। हालांकि, इसके बाद अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज़ के दौरान क्वाड्रिसेप्स की चोट ने उनकी लय को प्रभावित किया। चोट के कारण वह आयरलैंड, इंग्लैंड और जिम्बाब्वे के खिलाफ T20I सीरीज़ से भी बाहर रहे।

23 वर्षीय नीतीश को हार्दिक पांड्या के संभावित विकल्प और उनके अंडरस्टडी के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में उनके लिए गेंदबाज़ी में लगातार सुधार करना बेहद महत्वपूर्ण है। चोट के कारण उन्हें गेंदबाज़ के तौर पर अपनी कला को निखारने के लिए महत्वपूर्ण मैच समय गंवाना पड़ा।

अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे T20I में उनका प्रदर्शन इस लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहा। पहले मैच में दो ओवरों में 30 रन देने के बाद नीतीश ने दूसरे मुकाबले में शानदार वापसी की और तीन ओवर में 24 रन देकर तीन विकेट हासिल किए।

मैच के बाद BCCI द्वारा जारी एक वीडियो में नीतीश ने अपने प्रदर्शन, चोट से वापसी और मानसिक रूप से सकारात्मक बने रहने को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी के लिए चोट के बाद वापसी करते समय आत्मविश्वास बेहद जरूरी होता है।

नीतीश ने कहा, “आपको बस मानसिक रूप से सकारात्मक रहना होता है और सही चीजें करनी होती हैं। भगवान आपको सही समय पर इनाम देंगे। यह बहुत अच्छा लगता है। चोट से वापसी करते समय हर खिलाड़ी को आत्मविश्वास की जरूरत होती है और सच कहूं तो पहला मैच मेरे लिए उतना अच्छा नहीं रहा था। दूसरे मैच में मुझे बहुत खुशी हुई, क्योंकि किसी भी खिलाड़ी को इस आत्मविश्वास की जरूरत होती है। मुझे उम्मीद है कि मैं इस आत्मविश्वास को आगे भी बनाए रख सकूंगा।”

अफगानिस्तान के खिलाफ तीन विकेट का यह प्रदर्शन नीतीश के लिए सिर्फ एक मैच की उपलब्धि नहीं है, बल्कि चोट के बाद अपनी लय और आत्मविश्वास वापस हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। अब उनकी कोशिश इस प्रदर्शन से मिले आत्मविश्वास को आगे के मुकाबलों में बरकरार रखने की होगी।

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