नगांव में कांग्रेस के चुनावी काफिले पर पथराव को लेकर हिमंत सरमा और केसी वेणुगोपाल आमने सामने

Himanta Sarma and KC Venugopal lock horns over the stone-pelting incident targeting the Congress election convoy in Nagaon.चिरौरी न्यूज

गुवाहाटी: असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव से पहले सोमवार को राजनीतिक तनाव उस समय बढ़ गया, जब सामागुरी के बरमा इलाके में कांग्रेस के चुनावी काफिले पर कथित तौर पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई। काफिला एक चुनावी सभा में शामिल होने के लिए जा रहा था। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। मौके पर तैनात CRPF जवानों पर भी पथराव किए जाने की खबर है।

काफिले में असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, कांग्रेस के असम प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नगांव उपचुनाव की कांग्रेस उम्मीदवार सिबामोनी बोरा और सांसद रकीबुल हुसैन समेत कई नेता मौजूद थे। कांग्रेस के अनुसार, पथराव में कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हुए और AICC सचिव मनोज चौहान को चोट लगी।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि काफिले पर BJP समर्थकों ने पथराव किया। गौरव गोगोई ने दावा किया कि काफिले के गुजरने के दौरान कुछ लोगों ने काले झंडे दिखाए और ‘गो बैक’ के नारे लगाए, जिसके बाद स्थिति हिंसक हो गई। उन्होंने पुलिस पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले से सूचना दिए जाने के बावजूद स्थिति बिगड़ने दी गई। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी घटना को लेकर असम सरकार और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाया गया और चुनावी माहौल को प्रभावित करने के लिए राजनीतिक हिंसा का इस्तेमाल किया जा रहा है।

हिमंत सरमा बोले- कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए घटना के लिए कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी को जिम्मेदार बताया। सरमा के अनुसार, घटना उसी सामागुरी विधानसभा क्षेत्र में हुई, जहां कांग्रेस का राजनीतिक आधार मजबूत रहा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने आंतरिक मतभेदों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और पार्टी के भीतर के विवादों को सड़क पर आने से रोकना चाहिए। सरमा ने यह भी कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को समाज की शांति और सौहार्द को प्रभावित नहीं करने दिया जाना चाहिए।

पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती

घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। रिपोर्टों के मुताबिक, मौके पर मौजूद CRPF कर्मियों पर भी पत्थर फेंके गए। घटना में पत्रकारों के साथ कथित तौर पर मारपीट की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की आधिकारिक पहचान और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है, जबकि 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। कांग्रेस ने सिबामोनी बोरा को उम्मीदवार बनाया है। BJP की ओर से पूर्व नगांव उपायुक्त देबाशीष शर्मा मैदान में हैं, जबकि AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल भी चुनाव लड़ रहे हैं।

उपचुनाव से पहले सामने आई इस घटना ने नगांव में राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। फिलहाल कांग्रेस और BJP दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि घटना की जिम्मेदारी तय करने के लिए प्रशासनिक जांच और शिकायतों पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

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