भारत-कनाडा व्यापार वार्ता में प्रगति, G20 तक समझौता पूरा करने का लक्ष्य
चिरौरी न्यूज
ओटावा: भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण रहे संबंधों में अब आर्थिक मोर्चे पर सुधार के संकेत मिल रहे हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मंगलवार को कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौते को लेकर बातचीत में “अच्छी प्रगति” हो रही है और दोनों देश दिसंबर में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन तक वार्ता पूरी करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।
कार्नी ने यह भी बताया कि उनकी जानकारी के अनुसार, भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कनाडा यात्रा की पुष्टि की है। हालांकि, यात्रा की सटीक तारीख अभी तय नहीं हुई है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्नी ने कहा, “हम भारत के साथ अपनी व्यापार बातचीत में अच्छी प्रगति कर रहे हैं।” उन्होंने बताया कि उन्होंने और प्रधानमंत्री मोदी ने G20 शिखर सम्मेलन तक बातचीत पूरी करने की कोशिश करने पर सहमति जताई है। इस वर्ष G20 शिखर सम्मेलन 14 और 15 दिसंबर को मियामी स्थित ट्रंप नेशनल डोरल में आयोजित होना है।
अमेरिका पर निर्भरता घटाने की कनाडा की रणनीति
भारत के साथ व्यापार संबंधों को मजबूत करना कनाडा की व्यापक आर्थिक रणनीति का हिस्सा है। कार्नी अगले दशक में अमेरिका के बाहर कनाडा के व्यापार को दोगुना करना चाहते हैं। यह पहल अमेरिकी बाजार पर कनाडा की अत्यधिक निर्भरता कम करने और नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंच बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है।
इसी रणनीति के तहत कनाडा यूरोपीय संघ और चीन के साथ भी अपने आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। पिछले सप्ताह कार्नी ने कनाडा के यूरोपीय संघ का पहला सहयोगी सदस्य बनने की संभावना का स्वागत किया था। उन्होंने कहा था कि यूरोप के साथ मजबूत संबंध यह सुनिश्चित करने में मदद करेंगे कि कोई एक देश कनाडा के बाजारों पर नियंत्रण न कर सके और उसकी संप्रभुता प्रभावित न हो।
इस साल की शुरुआत में कनाडा ने चीन के साथ भी एक समझौता किया था। इसके तहत कनाडा ने सीमित संख्या में चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों के आयात को कम टैरिफ पर अनुमति दी, जबकि चीन ने कनाडाई कैनोला पर लगाए गए टैरिफ में कटौती की।
भारत और कनाडा ने इस साल मार्च में व्यापक व्यापार समझौते को लेकर औपचारिक बातचीत फिर शुरू की थी। उस समय दोनों देशों की सरकारों ने 2026 के अंत तक वार्ता पूरी करने का लक्ष्य तय किया था। हालांकि, अब कार्नी के बयान से संकेत मिलता है कि दोनों पक्ष दिसंबर में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन तक इस प्रक्रिया को पूरा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना चाहते हैं।
निज्जर हत्याकांड के बाद बिगड़े थे रिश्ते
भारत और कनाडा के संबंधों में पिछले कुछ वर्षों में सबसे बड़ा तनाव 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया में कनाडाई सिख कार्यकर्ता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद आया था। तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आरोप लगाया था कि निज्जर की हत्या में भारतीय सरकारी एजेंटों की संभावित भूमिका के विश्वसनीय आरोप हैं। भारत ने इन आरोपों को खारिज किया था।
बाद में रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने कनाडा में हत्याओं और अन्य हिंसक गतिविधियों से कथित तौर पर भारतीय सरकारी एजेंटों के संबंध होने के आरोप लगाए। ट्रूडो ने यह भी दावा किया था कि भारतीय राजनयिकों ने कनाडा में कुछ लोगों के बारे में जानकारी जुटाई, जिसे संगठित अपराध समूहों तक पहुंचाया गया और जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर हिंसा में हुआ।
इन आरोपों के बीच कनाडा ने छह भारतीय राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था। भारत ने आरोपों में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया और कनाडा पर सिख अलगाववादियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
कार्नी के कार्यकाल में रिश्ते सुधारने की कोशिश
मार्क कार्नी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत के साथ रिश्तों को दोबारा मजबूत करने की दिशा में कदम तेज किए हैं। इस वर्ष की शुरुआत में उनकी भारत यात्रा 2018 के बाद किसी कनाडाई प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा थी।
अब व्यापार वार्ता में प्रगति और प्रधानमंत्री मोदी की संभावित कनाडा यात्रा की पुष्टि को दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की व्यापक कोशिश के अहम संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, व्यापार समझौते और मोदी की यात्रा की अंतिम तारीख को लेकर अभी औपचारिक घोषणा का इंतजार है।
