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एशियन गेम्स में सिंधु की हार के साथ बैडमिंटन में भारत का निराशाजनक अभियान, एक भी व्यक्तिगत पदक नहीं

India's disappointing badminton campaign at the Asian Games ends with Sindhu's defeat; not a single individual medal won
(File Photo/BAI)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने एशियन गेम्स के महिला सिंगल्स क्वार्टर फाइनल में शानदार शुरुआत की, लेकिन थकान और कड़े मुकाबले के बीच उन्हें टोक्यो ओलंपिक चैंपियन चेन यू फेई के हाथों हार का सामना करना पड़ा। सिंधु की हार के साथ ही बैडमिंटन की व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भारत का पदक जीतने का सपना भी टूट गया।

सिंधु ने चेन यू फेई के खिलाफ पहला गेम 21-11 से अपने नाम किया, लेकिन चीनी खिलाड़ी ने वापसी करते हुए दूसरा गेम 21-18 और निर्णायक गेम 21-10 से जीत लिया। इस तरह चेन ने सेमीफाइनल में जगह बनाई और सिंधु का एशियन गेम्स अभियान क्वार्टर फाइनल में ही समाप्त हो गया।

सिंधु के लिए यह मुकाबला इसलिए भी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि उन्हें 24 घंटे से भी कम समय में अपना तीसरा मैच खेलना पड़ा। शनिवार को देर रात तक चले मुकाबले के बाद रविवार को फिर कोर्ट पर उतरना पड़ा। इसके बावजूद भारतीय स्टार ने शुरुआती गेम में बेहतरीन खेल दिखाया।

सिंधु ने की शानदार शुरुआत, लेकिन निर्णायक गेम में पिछड़ीं

चेन के खिलाफ सिंधु का रिकॉर्ड मुकाबले से पहले 7-9 था। हालांकि जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 का खिताब जीतने के दौरान सिंधु चेन को हरा चुकी थीं।

पहले गेम में सिंधु ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कोर्ट पर शानदार मूवमेंट दिखाते हुए 9-2 की बढ़त बनाई और ब्रेक तक 11-8 से आगे रहीं। चेन ने वापसी की कोशिश की, लेकिन सिंधु ने दबाव बनाए रखा और पहला गेम 21-11 से जीत लिया।

दूसरे गेम में चेन ने बेहतर शुरुआत की और 5-2 तथा 9-5 की बढ़त बनाई। सिंधु ने वापसी करते हुए स्कोर 9-9 किया और मुकाबला 12-12 तथा 16-18 तक बेहद करीब रहा। लंबी रैलियों वाले इस गेम में कई बार 40 से ज्यादा शॉट की रैलियां देखने को मिलीं। चेन ने गेम प्वाइंट हासिल कर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।

तीसरे गेम में चेन ने शुरुआत में ही 4-0 की बढ़त बना ली। सिंधु ने संघर्ष जारी रखा, लेकिन ब्रेक तक चीनी खिलाड़ी चार अंकों से आगे थी। इसके बाद चेन ने अगले 11 में से 10 अंक जीतकर मैच अपने नाम कर लिया।

उन्नति हुड्डा भी क्वार्टर फाइनल में हारीं

महिला सिंगल्स के दूसरे क्वार्टर फाइनल में भारत की उन्नति हुड्डा ने भी जबरदस्त संघर्ष किया, लेकिन तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची से 16-21, 21-14, 17-21 से हार गईं।

यामागुची ने पहले गेम में शुरुआत से ही दबाव बनाया। 4-3 के बाद जापानी खिलाड़ी ने लगातार आठ अंक जीतकर 11-4 की बढ़त बना ली। उन्नति ने वापसी की कोशिश की, लेकिन यामागुची ने पहला गेम 21-16 से जीत लिया।

दूसरे गेम में 19 वर्षीय उन्नति ने शानदार वापसी की। शुरुआती पिछड़ने के बाद उन्होंने सटीक शॉट्स के जरिए स्कोर बराबर किया और फिर लगातार कई अंक जीतकर 17-14 की बढ़त बना ली। यामागुची की गलतियों का फायदा उठाते हुए उन्नति ने आठ लगातार अंक जीतकर दूसरा गेम 21-14 से अपने नाम किया।

निर्णायक गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। स्कोर 5-5 तक बराबर रहा, लेकिन यामागुची ने धीरे-धीरे बढ़त बनाई। उन्नति ने लंबी रैलियों और बैककोर्ट में ऊंचे शॉट्स के जरिए जापानी खिलाड़ी को लगातार परेशान किया, लेकिन अंत में यामागुची ने 21-17 से गेम जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली।

महिला और मिश्रित युगल में भी भारत को निराशा

महिला सिंगल्स के अलावा भारत को महिला युगल और मिश्रित युगल में भी क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा।

हाल ही में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद को मलेशिया की विश्व नंबर-5 जोड़ी पर्ली टैन और थिनाह मुरलीधरन ने 21-18, 21-9 से हराया।

वहीं, मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो ने विश्व नंबर-1 चीनी जोड़ी फेंग यान झे और हुआंग डोंगपिंग को कड़ी टक्कर दी, लेकिन 14-21, 21-18, 18-21 से मुकाबला गंवा दिया।

हार के बाद तनीषा ने कहा कि पदक नहीं जीत पाने से निराशा है, लेकिन दोनों को अपने प्रदर्शन पर गर्व है। उन्होंने माना कि टीम ने मुकाबले में कई अच्छी चीजें कीं और चीन की जोड़ी के खिलाफ यह उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक था।

ध्रुव कपिला ने भी माना कि दूसरे गेम में उन्होंने विपक्षी जोड़ी पर काफी दबाव बनाया, लेकिन निर्णायक गेम में कुछ मौकों को बेहतर तरीके से भुनाया जा सकता था।

एशियन गेम्स के पिछले संस्करण में भारत ने बैडमिंटन में तीन पदक जीते थे। भारतीय पुरुष टीम ने रजत पदक हासिल किया था, जबकि सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरुष युगल में स्वर्ण पदक जीता था। एचएस प्रणय ने पुरुष सिंगल्स में कांस्य पदक अपने नाम किया था।

इस बार हालांकि व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भारत का प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा। भारतीय पुरुष टीम कांस्य पदक जीतने में सफल रही, लेकिन किसी भी व्यक्तिगत स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ी सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सके। सेमीफाइनल में पहुंचना पदक पक्का होने की स्थिति होती है।

खराब शेड्यूलिंग भी बनी चर्चा का विषय

भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ मैच शेड्यूलिंग को लेकर भी सवाल उठे। शनिवार को सिंधु, उन्नति हुड्डा और आयुष शेट्टी समेत कई खिलाड़ियों को कुछ ही घंटों के अंतराल में दो मुकाबले खेलने पड़े।

खासकर सिंधु के लिए लगातार मुकाबलों का असर क्वार्टर फाइनल में दिखाई दिया। हालांकि उन्होंने चेन यू फेई के खिलाफ शुरुआत में शानदार खेल दिखाया, लेकिन निर्णायक गेम में वह अपनी लय बरकरार नहीं रख सकीं।

इस तरह एशियन गेम्स की व्यक्तिगत बैडमिंटन स्पर्धाओं में भारत का अभियान बिना किसी पदक के समाप्त हुआ। सिंधु और उन्नति ने क्वार्टर फाइनल में संघर्ष जरूर किया, लेकिन दोनों की हार के साथ भारतीय चुनौती भी खत्म हो गई।

 

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