खेल खिलाड़ी

वैभव सूर्यवंशी के मुरीद हुए ध्रुव जुरेल, ‘कोई तुलना ही नहीं, वह अविश्वसनीय है’

Dhruv Jurel full of praise for Vaibhav Suryavanshi: 'There is no comparison; he is incredible.'
(Pic credit: BCCI)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में कम उम्र में अपनी पहचान बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी की तारीफों का सिलसिला लगातार जारी है। अब राजस्थान रॉयल्स में उनके साथी और भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने इस युवा बल्लेबाज की जमकर तारीफ की है। जुरेल ने सूर्यवंशी के साथ खेलने के अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि इस 15 साल के खिलाड़ी की तुलना किसी से करना ही संभव नहीं है।

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में वैभव और ध्रुव दोनों राजस्थान रॉयल्स (RR) का हिस्सा हैं। सूर्यवंशी टीम के लिए ओपनिंग करते हैं, जबकि जुरेल मध्यक्रम में बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभालते हैं। महज 15 साल की उम्र में सूर्यवंशी जिस अंदाज में बड़े गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हैं, वह उनके सीनियर साथियों को भी प्रभावित कर रहा है।

‘वह हर तारीफ के हकदार हैं’

आकाश चोपड़ा के YouTube चैनल पर बातचीत के दौरान ध्रुव जुरेल से जब वैभव सूर्यवंशी के साथ खेलने और उनकी तुलना को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेहद स्पष्ट जवाब दिया।

जुरेल ने कहा कि सूर्यवंशी हर तारीफ के हकदार हैं और जिस तरह की बल्लेबाजी वह कर रहे हैं, उसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। उन्होंने कहा कि 15 साल का यह खिलाड़ी जिस तरह लगातार गेंदबाजों पर हमला करता है, वह वास्तव में हैरान करने वाला है।

जुरेल ने यह भी कहा कि उनके मन में सूर्यवंशी को लेकर किसी तरह की जलन नहीं है और न ही दोनों खिलाड़ियों के बीच तुलना की कोई गुंजाइश है। उनके मुताबिक तुलना तभी हो सकती है, जब दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन या क्षमता को एक समान पैमाने पर देखा जा सके।

उन्होंने सूर्यवंशी को ‘अविश्वसनीय बच्चा’ बताते हुए कहा कि टीम के खिलाड़ी भी उसे देखकर हैरान होते हैं।

‘वह हमारे लिए बल्लेबाजी आसान कर देते हैं’

ध्रुव जुरेल ने सूर्यवंशी की बल्लेबाजी के एक और पहलू पर बात की। उन्होंने बताया कि पावरप्ले के दौरान सूर्यवंशी लगातार आक्रामक शॉट खेलते रहते हैं, जिससे दूसरे छोर पर मौजूद बल्लेबाजों को भी सकारात्मक बल्लेबाजी करने का आत्मविश्वास मिलता है।

जुरेल के मुताबिक, जब सूर्यवंशी लगातार गेंदबाजों पर हमला कर रहे होते हैं तो दूसरे बल्लेबाज को भी लगता है कि उसे मौका मिलने पर उसी तरह रन बनाने चाहिए। यानी सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी सिर्फ व्यक्तिगत प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि दूसरे छोर पर मौजूद बल्लेबाज पर भी सकारात्मक असर डालती है। वैभव सूर्यवंशी तब सुर्खियों में आए थे जब राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 1.1 करोड़ रुपये की कीमत में अपनी टीम में शामिल किया था। उस समय उनकी उम्र महज 13 साल थी और वह IPL इतिहास के सबसे कम उम्र के खिलाड़ियों में शामिल हुए।

हालांकि, इतनी बड़ी रकम और इतनी कम उम्र के कारण उन पर स्वाभाविक रूप से काफी ध्यान था, लेकिन सूर्यवंशी ने मैदान पर अपने प्रदर्शन से जल्द ही इस चर्चा को सही साबित करना शुरू कर दिया।

IPL के अलावा उन्होंने भारत अंडर-19 और इंडिया A के लिए भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम रखने से पहले ही उनके नाम को भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों में शामिल किया जाने लगा था।

इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू, जिम्बाब्वे सीरीज में दिखाया दम

सूर्यवंशी ने जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ T20I सीरीज में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। शुरुआती तीन मुकाबलों में उनका प्रदर्शन क्रमशः 14, 13 और 15 रन रहा। इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने अपने प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार किया। तीन मैचों की सीरीज में बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने दो अर्धशतकों की मदद से 151 रन बनाए।

उनके प्रदर्शन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया, जबकि सीरीज के फाइनल मुकाबले में उन्होंने प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार भी अपने नाम किया। जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बावजूद सूर्यवंशी को अफगानिस्तान के खिलाफ अगली T20I सीरीज में खेलने का मौका नहीं मिला। तीन मैचों की सीरीज में भारतीय टीम ने 3-0 से जीत दर्ज की, लेकिन सूर्यवंशी तीनों मुकाबलों में बेंच पर रहे।

टीम मैनेजमेंट ने ओपनिंग में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा को प्राथमिकता दी। ऐसे में सूर्यवंशी को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिल सकी। अब उनकी नजरें आगे के मुकाबलों पर हैं। सूर्यवंशी को 2026 एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में भी जगह मिली है। हालांकि टीम में संजू सैमसन जैसे अनुभवी ओपनर की मौजूदगी के कारण उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिलने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।

15 की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव

वैभव सूर्यवंशी की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि वह बेहद कम उम्र में घरेलू क्रिकेट, IPL और फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंच चुके हैं। हालांकि अभी उनके करियर की शुरुआत ही हुई है, लेकिन जिस तेजी से उन्होंने अलग-अलग स्तरों पर खुद को साबित किया है, उसने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा चेहरों में शामिल कर दिया है।

ध्रुव जुरेल की टिप्पणी इस बात का संकेत है कि सूर्यवंशी सिर्फ बाहर से देखने वाले क्रिकेट प्रशंसकों को ही प्रभावित नहीं कर रहे, बल्कि अपने से उम्र और अनुभव में काफी बड़े खिलाड़ियों के बीच भी अपनी बल्लेबाजी की छाप छोड़ रहे हैं।

अब उनके सामने अगली चुनौती इस शुरुआती सफलता को लगातार प्रदर्शन में बदलने की है। 15 साल की उम्र में मिली पहचान के बाद सूर्यवंशी के करियर पर नजरें रहेंगी कि वह आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट में अपनी जगह किस तरह मजबूत करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *