खेल खिलाड़ी

2016 के विवाद पर रवि शास्त्री का खुलासा, बोले- ‘उस घटना ने मुझे बहुत दुख पहुंचाया’

Ravi Shastri opens up about the 2016 controversy, says, "That incident hurt me deeply."
(File Pic: BCCI/Twiiter)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने 2016 में सौरव गांगुली से जुड़े उस विवाद पर एक बार फिर खुलकर बात की है, जिसने उस समय भारतीय क्रिकेट में काफी सुर्खियां बटोरी थीं। शास्त्री ने कहा कि टीम के साथ पूरी मेहनत करने के बाद मुख्य कोच पद के लिए नजरअंदाज किए जाने की घटना ने उन्हें काफी आहत किया था।

रवि शास्त्री ने 2014 में भारतीय टीम के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट की जिम्मेदारी संभाली थी। 2016 में BCCI ने इस पद को खत्म कर दिया और शास्त्री से मुख्य कोच पद के लिए आवेदन करने को कहा गया।

उस समय मुख्य कोच के चयन की जिम्मेदारी क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (CAC) के पास थी। इस समिति में सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण शामिल थे। समिति ने शास्त्री की जगह अनिल कुंबले को भारतीय टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया था।

शास्त्री ने बाद में दावा किया था कि मुख्य कोच पद के लिए उनके इंटरव्यू के दौरान सौरव गांगुली मौजूद नहीं थे। उन्होंने इस घटना को अपने लिए अपमानजनक बताया था।

अब Republic TV से बातचीत में शास्त्री ने उस दौर को याद करते हुए कहा कि उन्हें लगा था कि केवल योग्यता के आधार पर उन्हें टीम के साथ अपनी भूमिका जारी रखने का मौका मिलना चाहिए था।

उन्होंने कहा, “2014 में मैंने जिम्मेदारी संभाली और टीम का डायरेक्टर बना। 2016 में उन्होंने कहा कि अब डायरेक्टर का पद नहीं होगा और आपको मुख्य कोच पद के लिए आवेदन करना होगा। केवल योग्यता के आधार पर मुझे आगे जारी रखने से रोकने की कोई वजह नहीं थी। जाहिर तौर पर कोई और कारण या मकसद रहा होगा।”

शास्त्री ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम ने उन्हें काफी चोट पहुंचाई। उन्होंने कहा, “इससे मुझे दुख हुआ। अगर मैं अपने करियर को पीछे मुड़कर देखता हूं तो इस घटना ने मुझे बहुत आहत किया, क्योंकि आपने टीम को वहां तक पहुंचाने के लिए अपना पूरा दिल और मेहनत लगा दी थी और आपको लग रहा था कि जल्द ही उसका नतीजा सामने आएगा। फिर आपको बाहर बैठना पड़ा।”

कमेंट्री में लौटे, खिलाड़ियों को समझने का मिला मौका

शास्त्री ने बताया कि इसके बाद वह दोबारा कमेंट्री में लौट गए। उन्होंने कहा कि उस अनुभव ने उन्हें काफी कुछ सिखाया और ड्रेसिंग रूम तथा खिलाड़ियों की सोच को बेहतर तरीके से समझने का मौका दिया।

उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें नई पीढ़ी यानी Gen Z के खिलाड़ियों की सोच को समझने में भी मदद मिली।

शास्त्री ने कहा, “मैं कमेंट्री में वापस गया और खेल से जुड़ा रहा। मैंने सोचा कि यह डेढ़ साल का अच्छा अनुभव था। इसने मुझे बहुत कुछ सिखाया और दोबारा ड्रेसिंग रूम में आने का मौका दिया। इससे मुझे यह समझने में मदद मिली कि खिलाड़ी कैसे सोचते हैं और आधुनिक दौर में Gen Z कैसे सोचती है।”

उन्होंने कहा कि उन्होंने उस घटना को पीछे छोड़ने का फैसला किया और आगे बढ़ते रहे। उनके मुताबिक, क्रिकेट में भी जब किसी खिलाड़ी की वापसी होती है तो वह पहले से ज्यादा मजबूत होकर लौट सकता है।

2017 में फिर मिली टीम की जिम्मेदारी

2016 के घटनाक्रम के बाद शास्त्री को एक साल बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी मिली। उन्होंने 2017 से 2021 तक करीब साढ़े चार साल भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में काम किया।

शास्त्री ने अपने उस दौर को याद करते हुए कहा कि आखिरकार उन्हें दोबारा मौका मिला और उसके बाद जो हुआ, वह अब इतिहास का हिस्सा है। 2016 में शास्त्री और गांगुली के बीच हुए विवाद ने उस समय भारतीय क्रिकेट में काफी चर्चा बटोरी थी। गांगुली ने भी उस समय शास्त्री की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए उनके बयान को लेकर दुख जताया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *