भारत के खिलाफ एशियाई खेलों का फाइनल हारने का दर्द अब भी है: हसन नवाज
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: पाकिस्तान के बल्लेबाज हसन नवाज ने बुधवार को कहा कि भारत के खिलाफ एशियाई खेलों के पुरुष क्रिकेट फाइनल में मिली हार का दर्द अब भी उन्हें परेशान करता है। नवाज ने माना कि मुकाबले में हुई “छोटी-छोटी गलतियों” की पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी पड़ी।
एशियाई खेलों के पुरुष क्रिकेट के स्वर्ण पदक मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर गोल्ड मेडल जीता था। इस मैच में हसन नवाज ने शानदार 96 रन बनाए थे।
नवाज ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मैं अब भी फाइनल नहीं जीत पाने से निराश और दुखी हूं। हमने छोटी-छोटी गलतियां कीं और हमें उसकी कीमत चुकानी पड़ी।”
उन्होंने कहा कि दुनिया की नंबर-1 टीम भारत के खिलाफ खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। अपने प्रदर्शन को लेकर संतुष्ट नवाज ने कहा कि वह मैच की परिस्थितियों के हिसाब से बल्लेबाजी कर रहे थे और उन्हें भरोसा था कि पाकिस्तान मुकाबला जीत सकता है।
नवाज के मुताबिक, पारी के अंतिम चरण में भारत के पास सिर्फ एक ओवर जसप्रीत बुमराह का बचा था और उन्हें लगा था कि पाकिस्तान के पास जीत का अच्छा मौका है। हालांकि, रन चेज के दौरान कुछ गलतियों के कारण टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी।
भारत के खिलाफ वापसी पर खुशी
लंबे समय तक टीम से बाहर रहने के बाद वापसी करने वाले नवाज ने कहा कि भारत के खिलाफ अच्छी पारी खेलना उनके लिए व्यक्तिगत तौर पर बेहद संतोषजनक रहा। उन्होंने कहा, “भारत के खिलाफ अच्छी पारी के साथ वापसी करना मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से काफी संतोषजनक था।”
नवाज ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के खिलाड़ी हमेशा भारत के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने माना कि फाइनल अब बीत चुका है और टीम को अपनी गलतियों से सीखकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा, “फाइनल अब खत्म हो चुका है। क्रिकेट और मैच आगे भी चलते रहेंगे। हम गलतियां करते रहेंगे, लेकिन अगर हमें उन्हें हराना है तो अपनी गलतियों से सीखना होगा और बेहतर बनना होगा।”
घरेलू क्रिकेट से खुद को किया मजबूत
2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में शतक लगाकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहचान बनाने वाले नवाज ने बताया कि उन्होंने अपने खेल में सुधार के लिए जमीनी स्तर के क्रिकेट में काफी समय बिताया है।
उन्होंने कहा कि घरेलू और ग्रासरूट स्तर के क्रिकेट में अलग-अलग तरह के गेंदबाजों और पिचों का सामना करने से मुश्किल परिस्थितियों में बेहतर बल्लेबाज बनने में मदद मिलती है। उनके मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेहतर परिस्थितियों में बल्लेबाजी करते समय यह अनुभव आत्मविश्वास बढ़ाता है।
नवाज ने कहा कि वह भविष्य को लेकर बहुत आगे की नहीं सोचते और फिलहाल श्रीलंका और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली घरेलू व्हाइट-बॉल सीरीज में अपनी अच्छी फॉर्म को जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “आपके पास एक योजना होती है और आपको उसी पर कायम रहना होता है। उतार-चढ़ाव हमेशा आते रहते हैं।”
