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नाना पाटेकर को याद कर भावुक हुईं डिंपल कपाड़िया, ‘दिल से बेहद प्यार करने वाले इंसान थे’

Dimple Kapadia gets emotional remembering Nana Patekar: ‘He was a person who loved deeply from the heart.’चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर है। उनके साथ कई फिल्मों में काम कर चुकीं अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया ने अभिनेता के साथ बिताए पुराने दिनों को याद किया है। फिल्मफेयर को दिए एक इंटरव्यू में डिंपल ने नाना के स्वभाव, उनके काम करने के तरीके और सेट पर होने वाली मजेदार घटनाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नाना कभी-कभी अपने अंदाज से लोगों को डराने की कोशिश करते थे, लेकिन दिल से वह बेहद प्यार करने वाले इंसान थे।

डिंपल कपाड़िया और नाना पाटेकर ने प्रहार (1991), क्रांतिवीर (1994), वेलकम 2 (2009) और तुम मिलो तो सही (2010) जैसी फिल्मों में साथ काम किया था। डिंपल ने नाना को उनके करियर के शुरुआती दौर से लेकर बाद की फिल्मों तक करीब से देखा था।

नाना पाटेकर के निर्देशन में बनी फिल्म प्रहार को उनके बेहतरीन कामों में गिना जाता है। इस फिल्म में डिंपल कपाड़िया के साथ माधुरी दीक्षित भी नजर आई थीं। नाना के साथ काम करने के अनुभव को याद करते हुए डिंपल ने कहा, “वह दिल से काम करने वाले और बहुत प्यार करने वाले इंसान थे। बेशक, वह आपको डराने की कोशिश करते थे, लेकिन आपको इसे सहजता से लेना पड़ता था।”

डिंपल ने बताया कि जब नाना ने उन्हें प्रहार में काम करने का प्रस्ताव दिया था, तो वह हैरान रह गई थीं। उन्हें समझ नहीं आया कि नाना ने उन्हें इस भूमिका के लिए क्यों चुना, क्योंकि उनके मुताबिक उस समय उनसे बेहतर कई कलाकार मौजूद थे।

फिल्म के एक भावनात्मक दृश्य को याद करते हुए डिंपल ने बताया कि इसमें उनकी बेटी के साथ छेड़छाड़ की घटना दिखाई गई थी। नाना चाहते थे कि वह इस दृश्य को पूरी भावनात्मक तीव्रता के साथ निभाएं। इसके लिए उन्होंने डिंपल को एक निजी हिंसक अनुभव की कल्पना करने के लिए कहा। डिंपल ने बताया कि उन्होंने खुद को पूरी तरह उस दृश्य में झोंक दिया, जिससे नाना काफी खुश हुए।

डिंपल के मुताबिक, नाना पाटेकर के व्यक्तित्व को एक शब्द में बयां करना हो तो वह शब्द होगा- अप्रत्याशित। उनके व्यवहार में कब क्या बदलाव आ जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता था।

फिल्म वेलकम 2 की शूटिंग के दौरान रेगिस्तान में फिल्माए जा रहे एक दृश्य का किस्सा सुनाते हुए डिंपल ने बताया कि उनके संवाद में ‘मां की आंख’ शब्द आते थे। नाना एक टेंट में मॉनिटर के पास बैठकर दृश्य सुन रहे थे। अचानक वह नाराज हो गए, उन्होंने अपनी टाई उतार दी और चिल्लाते हुए कहा, “पैकअप! ये कोई डायलॉग है? आप किसी महिला से ऐसी बातें नहीं बुलवा सकते।” डिंपल ने हंसते हुए बताया कि उस समय नाना शायद निर्देशक से किसी बात को लेकर नाराज थे और अपना गुस्सा उनके जरिए जाहिर कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उस दिन को याद करके आज भी उन्हें खूब हंसी आती है।

फिल्म तुम मिलो तो सही में डिंपल ने एक पारसी कैफे की मालकिन की भूमिका निभाई थी, जबकि नाना एक ऐसे व्यक्ति के किरदार में थे, जो अपनी नौकरी की अवधि बढ़वाना चाहता है। फिल्म के एक कोर्टरूम दृश्य को याद करते हुए डिंपल ने बताया कि नाना ने उन्हें ग्लिसरीन का इस्तेमाल करने के बजाय अपने संवाद याद करने और स्वाभाविक भावनाओं के साथ दृश्य निभाने के लिए कहा था।

डिंपल के मुताबिक, नाना हमेशा फिल्म को बेहतर बनाने के बारे में सोचते थे। वह केवल अपने अभिनय पर ध्यान देने वाले कलाकार नहीं थे, बल्कि चाहते थे कि उनके साथ काम करने वाले सभी कलाकार भी अच्छा प्रदर्शन करें। उनके लिए पूरी फिल्म का बेहतर होना व्यक्तिगत प्रदर्शन से ज्यादा महत्वपूर्ण था।

डिंपल ने बताया कि वह और नाना एक-दूसरे के साथ अक्सर हंसी-मजाक और शरारतें किया करते थे। उन्होंने तुम मिलो तो सही की शूटिंग के दौरान हुई एक घटना भी साझा की। डिंपल के अनुसार, एक दिन नाना ने सभी कलाकारों से समय पर सेट पर पहुंचने और देरी न करने के लिए कहा था। लेकिन संयोग से उसी दिन नाना खुद देर से पहुंचे। इस पर डिंपल ने गंभीर चेहरा बनाकर कहा कि पुरुष कलाकार देर से आ सकते हैं और उन्हें कुछ भी करने की छूट मिल जाती है, जबकि महिला कलाकारों के देर से आने पर बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया जाता है।

डिंपल ने बताया कि उन्होंने पूरे दिन नाराज होने का नाटक किया और बाद में इस घटना को याद करके खूब हंसी। यह किस्सा उनके और नाना के बीच सहज रिश्ते और आपसी दोस्ती को दर्शाता है। नाना के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद करते हुए डिंपल ने कहा कि उनके साथ प्रहार, क्रांतिवीर और दूसरी फिल्मों में काम करना उनके लिए बेहद सुखद अनुभव रहा। उन्होंने कहा, “ऐसे कलाकार जिंदगी में कम ही मिलते हैं, जिनसे आपको इतना कुछ सीखने को मिले।”

डिंपल की बातें बताती हैं कि नाना पाटेकर सिर्फ एक प्रतिभाशाली अभिनेता ही नहीं थे, बल्कि अपने सह-कलाकारों को बेहतर करने के लिए प्रेरित करने वाले कलाकार भी थे।

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