बीजेपी ने राहुल गांधी पर विरोध प्रदर्शनों का इस्तेमाल करके अराजकता फैलाने का आरोप लगाया

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। यह हमला मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ उनके विरोध प्रदर्शनों को लेकर किया गया। भाटिया ने राहुल गांधी को “गैर-जिम्मेदार, अपरिपक्व और देशद्रोही” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह भारत का दुर्भाग्य है कि उसे विपक्ष में ऐसा नेता मिला है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, भाटिया ने आरोप लगाया कि विपक्ष का विरोध प्रदर्शन चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए नहीं, बल्कि अराजकता फैलाने के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी की राजनीति के तार विदेशी संगठनों से जुड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई देशों में सक्रिय कुछ समूह सरकारों को बदलने की कोशिशों में शामिल हैं।
भाटिया ने आरोप लगाया कि ‘इंडियन अलायंस इन पेरिस’ नाम का एक संगठन भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल है और इसने विरोध प्रदर्शनों के दौरान राहुल गांधी का समर्थन किया था। भाटिया ने कहा, “विरोध प्रदर्शन तो बस एक बहाना था, विपक्ष का असली मकसद अराजकता फैलाना था। ‘इंडियन अलायंस इन पेरिस’ उन संगठनों में गिना जाता है जो अराजकता फैलाते हैं। जब राहुल गांधी अराजकता फैला रहे थे, ठीक उसी समय 6 अक्टूबर को उनका करीबी संगठन ‘इंडियन अलायंस इन पेरिस’ बना। इस संगठन ने सबसे पहले राहुल गांधी के समर्थन में ट्वीट किया था। यह संगठन भारत विरोधी काम करता है और भारत के आंतरिक मामलों में दखल देता है। यह संगठन भारत के लोकतंत्र की बेबुनियाद आलोचना करता है और ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ से जुड़ा हुआ है।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ के संबंध कांग्रेस नेतृत्व से हैं। उन्होंने 10 जनपथ पर हुई एक बैठक का जिक्र किया।
उन्होंने कहा, “प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल के तार 10 जनपथ से जुड़े हैं, जहां इसके प्रतिनिधियों ने 28 अप्रैल, 2025 को सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात की थी। राहुल जी और कांग्रेस ने खुद इस बारे में पोस्ट किया है।”
भाटिया ने दावा किया कि फ्रांस, स्पेन, भारत और अल्बानिया सहित कई देशों में हो रहे राजनीतिक घटनाक्रम ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ से जुड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संगठन का मकसद दुनिया भर की सरकारों में बदलाव लाना है। भाटिया ने कहा, “फ्रांस, स्पेन, भारत और अल्बानिया में जो कुछ भी हो रहा है, उसका संबंध ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ से है। इनका काम दुनिया भर में सत्ता को बदलना है। क्या राहुल गांधी में अब इतनी भी ताकत नहीं बची है कि उन्हें इस संगठन से जुड़ना पड़ रहा है? यह संगठन दुनिया भर में अराजकता फैलाने वाला एक समूह है।”
उन्होंने मीडिया की उन रिपोर्टों का भी जिक्र किया, जिनमें दावा किया गया है कि फ्रांस की घटनाएं और वहां सत्ता में हुए बदलाव, नौ देशों (जिसमें भारत भी शामिल है) में फैले 101 संगठनों से जुड़े हुए हैं।
बीजेपी प्रवक्ता ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत की भी आलोचना की। उन्होंने राउत के एक ‘X’ (ट्विटर) पोस्ट का जिक्र किया, जिसमें अल्बानिया के सुप्रीम कोर्ट की इमारत में आग लगी हुई दिखाई दे रही है।
भाटिया ने कहा, “संजय राउत ने अल्बानिया की तस्वीरें पोस्ट की हैं, जिनमें वहां का सुप्रीम कोर्ट जल रहा है। इस तस्वीर के जरिए वे भारत में अराजकता फैलाने का इशारा कर रहे हैं। उनके संबंध जॉर्ज सोरोस से हैं। भारत का सम्मान भारतीय संसद और सुप्रीम कोर्ट में निहित है। राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट परिसर में अराजकता फैला रहे हैं।”
