जाह्नवी कपूर के मुश्किल वक्त में शिखर पहाड़िया बने सहारा
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री जाह्नवी कपूर ने अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर को याद करते हुए शिखर पहाड़िया के साथ अपने रिश्ते को लेकर एक भावुक खुलासा किया है। जाह्नवी ने बताया कि साल 2018 में मां श्रीदेवी के निधन के बाद जब वह गहरे दुख से गुजर रही थीं, तब शिखर ने उनका साथ देने के लिए लंदन में अपनी पढ़ाई तक बीच में छोड़ दी थी। उस समय दोनों आधिकारिक तौर पर एक-दूसरे को डेट भी नहीं कर रहे थे, लेकिन शिखर चाहते थे कि जरूरत पड़ने पर वह जाह्नवी के करीब रह सकें।
फरवरी 2018 में दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी का दुबई में निधन हो गया था। उनकी अचानक मौत की खबर से बॉलीवुड समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई थी। मां को खोने का दुख जाह्नवी कपूर और उनकी छोटी बहन खुशी कपूर के लिए बेहद कठिन था। जिंदगी के इस दर्दनाक दौर में जाह्नवी को अपने करीबियों के सहारे की जरूरत थी। इसी दौरान शिखर पहाड़िया ने उनके साथ खड़े रहने का फैसला किया।
जाह्नवी के लिए शिखर ने छोड़ दिया था आधा सेमेस्टर
‘कॉफी विद करण’ के आगामी एपिसोड में करण जौहर जाह्नवी कपूर से उस मुश्किल समय में शिखर पहाड़िया के सहयोग को लेकर बात करते नजर आएंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की रिपोर्ट के मुताबिक, जाह्नवी ने बताया कि उस वक्त शिखर लंदन में पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन उनके मुश्किल दौर को देखते हुए वह अपनी पढ़ाई बीच में छोड़कर मुंबई आ गए थे।
जाह्नवी ने इस बारे में बताते हुए कहा कि शिखर ने लगभग आधा सेमेस्टर छोड़ दिया था। वह मुंबई आकर अपने पिता के साथ रहने लगे। हालांकि, जाह्नवी को काफी समय बाद पता चला कि शिखर करीब एक महीने तक जुहू में अपने एक दोस्त के घर पर भी रहे थे।
जाह्नवी ने बताया कि उस समय ऐसा नहीं था कि उनकी और शिखर की रोज मुलाकात होती थी। इसके बावजूद शिखर ने मुंबई में रहने का फैसला इसलिए किया, ताकि जरूरत पड़ने पर वह जाह्नवी के आसपास मौजूद रह सकें।
अभिनेत्री के मुताबिक, उन्हें काफी बाद में इस बात का पता चला कि शिखर के मन में यह बात थी कि अगर जाह्नवी को कभी उनकी जरूरत पड़े, तो वह उसके करीब रहना चाहते हैं। शिखर का यह कदम जाह्नवी के प्रति उनकी परवाह और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है।
रिश्ते को लेकर भी चर्चा में आया यह खुलासा
जाह्नवी कपूर के इस खुलासे की खास बात यह है कि उस समय दोनों आधिकारिक तौर पर रिलेशनशिप में नहीं थे। इसके बावजूद शिखर ने जाह्नवी के कठिन समय में उनके साथ रहने को प्राथमिकता दी। यही वजह है कि उनका यह किस्सा अब चर्चा में है।
जाह्नवी और शिखर के रिश्ते को लेकर अक्सर चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि, इस घटना से जुड़ी जाह्नवी की यादें यह दिखाती हैं कि मुश्किल समय में किसी का साथ देना किसी भी रिश्ते के लिए कितना मायने रखता है।
