आतंक का करारा जवाब”: ऑपरेशन सिंदूर पर बोले विदेश सचिव, पाकिस्तान को बताया आतंकियों की सुरक्षित पनाहगाह
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के कुछ घंटों बाद भारत सरकार ने बुधवार को कहा कि देश ने पड़ोसी राष्ट्र से उत्पन्न जघन्य आतंकवादी कृत्यों का जवाब देने का अपना अधिकार इस्तेमाल किया है।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पहलगाम आतंकी हमलों के जवाब में भारत की कार्रवाई संयमित, सुनियोजित और गैर-उकसाने वाली रही। उनके साथ कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका सिंह भी उपस्थित थीं।
मिस्री ने कहा कि भारत का उद्देश्य सीमापार मौजूद आतंकी ढांचे को पूरी तरह से ध्वस्त करना था और इन सटीक हमलों में किसी भी प्रकार का संपार्श्विक नुकसान (Collateral Damage) नहीं हुआ।
पाकिस्तान को आतंकियों की शरणस्थली करार देते हुए उन्होंने कहा, “दुनिया भर में बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद यह देश आतंकियों को शरण और संरक्षण देता रहा है।”
उन्होंने पाकिस्तान में संरक्षित आतंकी साजिद मीर का उदाहरण देते हुए कहा, “पाकिस्तान ने पहले मीर को मृत घोषित किया, लेकिन जब अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा, तो उसे ‘फिर से जिंदा’ किया गया और गिरफ्तार दिखाया गया। यह दर्शाता है कि पाकिस्तान अपने यहां पल रहे आतंकी तत्वों को कैसे संरक्षण देता है।”
विदेश सचिव ने पहलगाम नरसंहार को एक सुनियोजित षड्यंत्र बताया, जिसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर की तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था और पर्यटन को पटरी से उतारना था।
“पिछले साल जम्मू-कश्मीर में 2.3 करोड़ से अधिक पर्यटक आए थे। अलगाववादी ताकतें इस बदलाव से घबराई हुई हैं और इसी कारण उन्होंने घाटी में इतना जघन्य हमला किया,” उन्होंने कहा।
उन्होंने बताया कि पहलगाम हमले ने देशभर में गहरी नाराज़गी पैदा की थी। “भारत सरकार ने पहले कूटनीतिक प्रयास किए, लेकिन पाकिस्तान के रुख को देखते हुए आतंक के अड्डों को नष्ट करने के लिए सटीक सैन्य कार्रवाई की गई,” उन्होंने कहा।
