मुंबई पर टिप्पणी को लेकर सियासी घमासान, के. अन्नामलाई ने राज ठाकरे को दिया करारा जवाब

A political storm erupts over comments on Mumbai; K. Annamalai gives a strong reply to Raj Thackeray.
(File Pic: Twitter)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: भाजपा नेता और तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने सोमवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। मुंबई और तमिल आइकन के. कामराज पर की गई अपनी टिप्पणियों को लेकर मिल रही धमकियों को खारिज करते हुए अन्नामलाई ने साफ कहा कि डराने-धमकाने से वे मुंबई आने से पीछे नहीं हटेंगे।

मुंबई में हाल ही में आयोजित मनसे–शिवसेना (यूबीटी) की संयुक्त रैली में राज ठाकरे और आदित्य ठाकरे द्वारा की गई टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए अन्नामलाई ने कहा,
“आदित्य ठाकरे और राज ठाकरे होते कौन हैं मुझे धमकी देने वाले? मैं एक किसान का बेटा हूं और राजनीतिक धमकियों से डरने वाला नहीं हूं।”

अन्नामलाई ने मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें मुंबई आने पर शारीरिक नुकसान की धमकियां दी जा रही हैं।

“कुछ लोग लिख रहे हैं कि अगर मैं मुंबई आया तो मेरे पैर काट देंगे। मैं मुंबई आऊंगा। काटकर दिखाइए। अगर मुझे इन धमकियों से डर लगता तो मैं अपने गांव में ही बैठा रहता,” उन्होंने कहा।

पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई ने इस आरोप को भी खारिज किया कि उनके बयानों से मराठी अस्मिता को ठेस पहुंची है। उन्होंने सवाल किया, “अगर मैं कहूं कि के. कामराज भारत के महान नेताओं में से एक हैं, तो क्या वह तमिल नहीं रह जाते? अगर मैं कहूं कि मुंबई एक विश्वस्तरीय शहर है, तो क्या इसका मतलब है कि इसे मराठियों ने नहीं बनाया?”

उन्होंने कहा कि मुंबई की पहचान मराठी लोगों के योगदान से ही जुड़ी है और उनके आलोचकों को ‘अज्ञानी’ करार दिया। अन्नामलाई ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर हो रहे हमले अब तमिल समुदाय के अपमान में बदल गए हैं, जिसमें धोती और लुंगी जैसे परिधानों का मज़ाक उड़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “मेरा अपमान करना कोई नई बात नहीं है। डीएमके सालों से ऐसा कर रही है। लेकिन अब तमिलों को एक समुदाय के रूप में अपमानित किया जा रहा है। यह वही राजनीति है जो धमकी और डर पर टिकी है। मैं हाथ-पैर काटने की बातों से डरने वाला नहीं हूं।”

यह विवाद महाराष्ट्र में आगामी निकाय चुनावों से पहले भड़का है। मुंबई में मनसे और शिवसेना (यूबीटी) की संयुक्त रैली में राज ठाकरे ने अन्नामलाई को ‘रसमलाई’ कहकर तंज कसा और मुंबई पर टिप्पणी करने के उनके अधिकार पर सवाल उठाया। उन्होंने “हटाओ लुंगी, बजाओ पुंगी” जैसे नारे का भी इस्तेमाल किया, जो शिवसेना के शुरुआती दौर में दक्षिण भारतीयों के खिलाफ इस्तेमाल किया जाता था।

गौरतलब है कि बाल ठाकरे ने 1960 में ‘मार्मिक’ साप्ताहिक की शुरुआत की थी और 1966 में शिवसेना की स्थापना कर मराठी पहचान की राजनीति को धार दी थी।

महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों—जिनमें मुंबई, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ शामिल हैं—के लिए मतदान 15 जनवरी को होगा, जबकि मतगणना 16 जनवरी को की जाएगी।

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