कोरोना से लड़ने में आरोग्य सेतु ऐप साबित हो रहा है मददगार: नीति आयोग सीईओ

न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली: आरोग्य सेतु मोबाइल एप्लिकेशन को लेकर राहुल गाँधी समेत विपक्षी पार्टी के कुछ नेताओं ने कई सरकार से किये थे, और इसे एक ऐसा ऐप बताया था जिसमे उपयोगकर्ता की निजी जानकारी साझा हो सकती है। भारत सरकार की तरफ से इसके जवाब में कहा गया कि ये मोबाइल ऐप सिर्फ कोरोना वायरस से सम्बंधित जानकारी ही लोगों से लेती है जो इस महामारी  के रोकथाम में कारगर सिद्ध हो सकती है।

अब नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा है कि कोरोना वायरस के मरीजों का ट्रैक करने वाला सरकार आरोग्य सेतु मोबाइल एप्लिकेशन काफी मददगार उपकरण साबित हो रहा है। इस ऐप ने देश के 650 से ज्यादा हॉटस्पॉट और 300 से ज्यादा उभरते हॉटस्पॉट के बारे में अधिकारियों को पहले ही सतर्क कर दिया जिस से कोरोना को फैलने से रोकने में बड़ी मदद मिली है। महाराष्ट्र का उदहारण देते हुए उन्होंने कहा कि, “इस ऐप ने महाराष्ट्र के 18 जिलों में 60 से ज्यादा हॉटस्पॉट की पहचान की। देशभर में ऐप ने सब पोस्ट ऑफिस लेवल पर 130 हॉटस्पॉट के बारे में बताया। इस तरह बाद में स्वास्थ्य मंत्रालय वास्तविक हॉटस्पॉट की घोषणा कर सकता है। ये ऐप हॉटस्पॉट का सटीक पूर्वानुमान देता है और ये नए हॉटस्पॉट बनने से रोकने में भी मदद करता है।”
उन्होंने कहा कि अब तक 69 मिलियन लोगों ने सेल्फ असेसमेंट टेस्ट किया है। 3.4 मिलियन से ज्यादा लोगों ने खुद को अस्वस्थ घोषित किया है, क्योंकि उनमें एक या तीन से ज्यादा लक्षण दिख रहे थे। आरोग्य सेतु ऐप को डाउनलोड करने वाले कम से कम 12,500 यूजर्स में कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। ये ऐप दो अप्रैल को लॉन्च किया गया था। तब से अबतक 96 मिलियन (9.6 करोड़) से ज्यादा लोग इसको डाउनडोड करके रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। कोरोना के खिलाफ जंग में आरोग्य-सेतु ऐप सरकार की दो तरह से मदद कर रहा है- एक किसका टेस्ट करना है और दूसरा कहां ज्यादा टेस्ट करने हैं।

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