डूसू चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रेसीडेंट, सेक्रेटरी और जॉइंट सेक्रेटरी पदों पर जीत
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) के 2026 के चुनाव नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। ABVP के यश डबास प्रेसिडेंट चुने गए हैं, निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शोकीन वाइस-प्रेसिडेंट बने हैं, ABVP की रिया छावड़ी सेक्रेटरी और लक्ष्य राज सिंह जॉइंट सेक्रेटरी चुने गए हैं।
ये नतीजे मुख्य छात्र संगठनों के बीच कड़े मुकाबले के बाद आए हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और AISA-SFI गठबंधन ने चार मुख्य पदों के लिए चुनाव लड़ा। निर्दलीय और अन्य उम्मीदवार भी अहम पदों की दौड़ में शामिल थे।
वोटों की गिनती शनिवार, 19 सितंबर को सुबह 8 बजे नॉर्थ कैंपस के यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पस हॉल में शुरू हुई। कई राउंड तक मुकाबला कड़ा रहा, खासकर प्रेसिडेंट पद की दौड़ में, जहाँ गिनती के दौरान बढ़त बदलती रही।
प्रेसिडेंट पद के मुकाबले में यश डबास ने NSUI के विजय मीणा को हराकर जीत हासिल की। वाइस-प्रेसिडेंट पद दीपांशु शोकीन ने जीता, जिन्होंने ABVP के इशू मौर्य और NSUI के वीर छत्रथ को हराया।
सेक्रेटरी पद के लिए रिया छावड़ी ने NSUI की नम्रता चौधरी को हराया। जॉइंट सेक्रेटरी का चुनाव लक्ष्य राज सिंह ने जीता, जिन्होंने NSUI के गोपाल चौधरी और समाजवादी छात्र सभा के विशेष यादव को हराया।
ABVP के यश डबास प्रेसिडेंट पद पर 2,053 वोटों से आगे रहे, निर्दलीय दीपांशु शोकीन वाइस-प्रेसिडेंट पद पर 13,705 वोटों से आगे रहे, ABVP की रिया छावड़ी सेक्रेटरी पद पर 6,781 वोटों से आगे रहीं और ABVP के लक्ष्य राज सिंह जॉइंट सेक्रेटरी पद पर 863 वोटों से आगे रहे।
सभी 52 पोलिंग सेंटर्स से मिले वोटिंग डेटा के आधार पर, 2026 के DUSU चुनाव में कुल वोटिंग प्रतिशत 40.46% रहा। चुनाव में 1.51 लाख से ज़्यादा छात्र वोट देने के लिए योग्य थे। शुक्रवार को डे-कॉलेज के छात्रों के लिए वोटिंग सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक हुई, जबकि इवनिंग-कॉलेज के छात्रों ने दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे के बीच वोट डाला।
यह चुनाव चार मुख्य पदों — प्रेसिडेंट, वाइस-प्रेसिडेंट, सेक्रेटरी और जॉइंट सेक्रेटरी — के लिए हुआ, जिसमें कुल 20 उम्मीदवार मैदान में थे। ABVP और NSUI ने सभी चार पदों के लिए उम्मीदवार उतारे, जबकि AISA और SFI ने मिलकर चुनाव लड़ा। कैंपेन और वोटों की गिनती के दौरान कई निर्दलीय उम्मीदवार भी अहम दावेदार बनकर उभरे।
इस साल मुकाबला काफी कड़ा रहा; अलग-अलग राउंड में बढ़त बदलती रही और गिनती के अलग-अलग चरणों में अलग-अलग ग्रुप के उम्मीदवार आगे आते रहे। बदलते रुझानों की वजह से आखिरी राउंड तक अंतिम नतीजे को लेकर अनिश्चितता बनी रही।
कैंपेन के दौरान हिंसा और हुड़दंग की आशंकाओं के चलते कड़ी सुरक्षा के बीच चुनाव कराया गया। दिल्ली हाई कोर्ट ने नतीजों के बाद जीत का जुलूस निकालने, ढोल-नगाड़े बजाने और जश्न मनाने पर रोक लगा दी थी, साथ ही कैंपेन और कथित नियमों के उल्लंघन से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक संगठनों से जवाब भी मांगा था।
नतीजों की घोषणा के साथ ही, नया DUSU सेंट्रल पैनल अब 2026-27 एकेडमिक सेशन के लिए कामकाज संभालेगा।
