पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परिवारों से मिले अमित शाह, परविंदर झोटा हत्याकांड की CBI जांच का ऐलान

चिरौरी न्यूज
चंडीगढ़: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पंजाब दौरे के दौरान नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों के परिवारों से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिया। मानसा में कथित तौर पर नशा तस्करी के खिलाफ आवाज उठाने के कारण मारे गए सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात के दौरान शाह ने घोषणा की कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम बुधवार दोपहर 12 बजे तक उनके घर पहुंचेगी और मामले की जांच शुरू करेगी।
अमित शाह ने झोटा के पिता भीम सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। करीब 20 मिनट तक चली इस बैठक में उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
यह मुलाकात पंजाब में नशे की समस्या को लेकर शाह के एक दिवसीय दौरे का अहम हिस्सा रही। दौरे के दौरान उन्होंने तीन अलग-अलग स्थानों पर नशे से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राज्य सरकार पर नशे के कारोबार को नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
तीन जिलों में पीड़ित परिवारों से मिले शाह
अमित शाह मंगलवार सुबह अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। इसके बाद उन्होंने गुरदासपुर जिले के मारी पन्नू गांव में विक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की। विक्रमजीत सिंह की हाल ही में कथित तौर पर नशा माफिया द्वारा हत्या कर दी गई थी।
करीब 15 मिनट की मुलाकात के दौरान शाह ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताई। परिवार ने इस अवसर पर गृह मंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा। बाद में परिजनों ने बताया कि शाह ने उन्हें न्याय दिलाने और मामले की CBI जांच सुनिश्चित करने का भरोसा दिया।
इस दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, विजय सांपला और फतेहजंग बाजवा सहित अन्य नेता मौजूद रहे। शाह ने परिवार को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी उनके साथ खड़ी हैं तथा नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।
इसके बाद शाह संगरूर जिले के तोड़ बंजारा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की। गुलजार सिंह ने कथित तौर पर चिट्टे यानी नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आवाज उठाई थी और बाद में आत्महत्या कर ली थी। शाह ने उनके परिवार के प्रति भी संवेदना व्यक्त की।
पंजाब सरकार पर शाह का निशाना
दौरे के दौरान अमित शाह ने सोशल मीडिया के माध्यम से पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में नशे का कारोबार नियंत्रण से बाहर हो गया है। पंजाब में नशे की समस्या को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।
शाह का यह 20 दिनों के भीतर पंजाब का दूसरा दौरा था। तीन परिवारों से मुलाकात के बाद उनका लुधियाना पहुंचने का कार्यक्रम था, जहां वह 121 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन करने वाले थे। इसे राज्य का कथित तौर पर सबसे ऊंचा रावण का पुतला बताया गया है।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने शाह के दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “मेरे शब्द याद रखिए! अमित शाह जी का आज का दौरा पंजाब के राजनीतिक परिदृश्य में निर्णायक मोड़ साबित होगा। पंजाब के प्रति उनकी चिंता ने पंजाबियों के दिलों में उम्मीद की एक किरण जगाई है।”
हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार को घेरा
दूसरी ओर, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्रीय गृह मंत्री और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि पंजाब सरकार की बार-बार अपील के बावजूद भाजपा और कांग्रेस शासित राज्यों में दवाइयों के माध्यम से नशे की आपूर्ति करने वाले निर्माताओं के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, लेकिन केंद्र सरकार पंजाब में सिंथेटिक और फार्मास्यूटिकल नशीले पदार्थों की आपूर्ति के स्रोतों पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार नशे के खिलाफ अपनी लड़ाई पूरी ताकत से जारी रखेगी और राजनीतिक कारणों या प्रशासनिक बाधाओं को अपने अभियान के रास्ते में नहीं आने देगी।
चीमा ने कहा, “पंजाब में सिंथेटिक और फार्मास्यूटिकल नशीले पदार्थों की बड़ी आपूर्ति भाजपा और कांग्रेस शासित राज्यों से होती है, लेकिन केंद्र सरकार इनके निर्माण और आपूर्ति में शामिल लोगों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने में विफल रही है। पंजाब जमीन पर इस बुराई से लड़ रहा है, लेकिन केंद्र हमारे युवाओं की जिंदगी के लिए गंभीर खतरे के प्रति आंखें मूंदे हुए है।”
झोटा परिवार की मांग पर CBI जांच को लेकर सहमति
अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले आम आदमी पार्टी की सरकार ने भी मारे गए सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार के प्रति समर्थन दोहराया था। राज्य सरकार ने परिवार की मांग के जवाब में मामले को CBI को सौंपने की घोषणा की थी।
अब अमित शाह की ओर से बुधवार दोपहर 12 बजे तक CBI टीम के झोटा के घर पहुंचने और जांच शुरू करने के आश्वासन के बाद इस मामले में केंद्रीय एजेंसी की जांच को लेकर उम्मीद बढ़ी है। परिवार को न्याय दिलाने और पंजाब में नशे के नेटवर्क पर कार्रवाई का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
