भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का अंतरिम खाका तैयार, अमेरिकी टैरिफ घटकर 18% होंगे

An interim framework for the India-US trade agreement has been prepared, and US tariffs will be reduced to 18%.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका ने शनिवार को एक अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) के ढांचे का ऐलान किया, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement – BTA) की दिशा में नई गति मिलने के संकेत मिले हैं। इस समझौते के तहत भारत पर लगाए गए अमेरिकी टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया जाएगा।

संयुक्त बयान में दोनों देशों ने कहा कि वे इस ढांचे को “तत्काल लागू” करेंगे और जल्द ही अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे। इसे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 13 फरवरी 2025 को शुरू की गई भारत–अमेरिका BTA वार्ता का अहम पड़ाव बताया गया है। बयान में इस प्रगति को “ऐतिहासिक उपलब्धि” करार दिया गया।

समझौते की प्रमुख बातें

इस ढांचे के तहत भारत अमेरिका से आने वाले सभी औद्योगिक उत्पादों और कृषि उत्पादों की एक बड़ी सूची पर टैरिफ हटाएगा या कम करेगा। इनमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स (DDGs), पशु आहार के लिए रेड ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स शामिल हैं।

इसके बदले में अमेरिका भारतीय निर्यात पर अपने रिकिप्रोकल टैरिफ को 18 प्रतिशत तक घटाएगा और कुछ चुनिंदा उत्पादों—जैसे जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे, तथा विमान कलपुर्जे—पर टैरिफ पूरी तरह समाप्त करेगा, बशर्ते अंतिम समझौता लागू हो जाए।

पीयूष गोयल ने बताया ऐतिहासिक समझौता

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, जो बातचीत में सीधे तौर पर शामिल थे, ने इसे एक लैंडमार्क डील बताया। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बाजार के दरवाजे खुलेंगे।

गोयल के मुताबिक इस समझौते से खासतौर पर एमएसएमई, किसान और मछुआरों को लाभ होगा और निर्यात में बढ़ोतरी से महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।

भारत को क्या फायदे होंगे?

  • भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ घटकर 18%
  • जेनेरिक दवाओं, रत्न-हीरे और विमान कलपुर्जों पर शून्य टैरिफ
  • 30 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बाजार तक बेहतर पहुंच
  • कपड़ा, परिधान, चमड़ा, फुटवियर, रबर-प्लास्टिक, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर और मशीनरी जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा
  • विमान कलपुर्जों पर US Section 232 के तहत छूट
  • ऑटो पार्ट्स के लिए टैरिफ रेट कोटा (TRQ)
  • संवेदनशील कृषि उत्पादों (चावल, गेहूं, मक्का, डेयरी, मांस, तंबाकू आदि) पर कोई रियायत नहीं
  • किसानों और डेयरी क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित

अमेरिका को भारत की पेशकश

  • अमेरिकी औद्योगिक और कई कृषि उत्पादों पर टैरिफ में कटौती या समाप्ति
  • मेडिकल डिवाइस, आईसीटी उत्पादों और कृषि वस्तुओं पर गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करना
  • मानकों और परीक्षण प्रक्रियाओं की छह महीने में समीक्षा
  • अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा, विमान, कीमती धातु, तकनीक और कोकिंग कोल की खरीद
  • जीपीयू और डेटा-सेंटर से जुड़े व्यापार को बढ़ावा

दोनों देशों ने नियमों की स्पष्टता, Rules of Origin, बेहतर नियामकीय सहयोग और बाजार पहुंच बढ़ाने पर भी सहमति जताई है।

अधिकारियों के मुताबिक, मार्च के मध्य तक अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। यह घोषणा ऐसे समय आई है जब हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि भारत से आयात पर अमेरिकी टैरिफ को 50% से घटाकर 18% किया जाएगा, बदले में भारत रूसी तेल की खरीद रोकने और व्यापार बाधाएं कम करने पर सहमत होगा।

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