बंगाल चुनाव: हुमायूं कबीर और TMC समर्थक आमने-सामने, मुर्शिदाबाद जिले से हिंसा, तनाव और वोटरों को डराने-धमकाने के आरोप
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग गुरुवार सुबह शुरू होते ही मुर्शिदाबाद जिले से हिंसा, तनाव और वोटरों को डराने-धमकाने के आरोप सामने आए।
मुर्शिदाबाद के नौदा विधानसभा क्षेत्र के शिवनगर गांव में आम जनता उन्नयन पार्टी (AUJP) के संस्थापक हुमायूं कबीर को विरोध का सामना करना पड़ा। जब वह मतदान केंद्र पहुंचे, तब तृणमूल कांग्रेस (TMC) समर्थकों ने उन्हें “गो बैक” के नारे लगाते हुए घेर लिया और “बीजेपी एजेंट” बताया। इस दौरान क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।
हुमायूं कबीर, जो पहले तृणमूल कांग्रेस के विधायक थे और अब अपनी पार्टी बनाकर चुनाव लड़ रहे हैं, को पिछले साल दिसंबर में पार्टी से निलंबित कर दिया गया था।
इसी बीच, शिवनगर प्राइमरी स्कूल के पास बुधवार रात कथित रूप से देसी बम फेंके जाने की घटना भी सामने आई, जिसमें एक महिला घायल हो गई। तृणमूल सांसद अबू ताहिर खान ने इस हमले के लिए कबीर की पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, एक पीड़ित ने भी आरोप लगाया कि बम कबीर के समर्थकों ने फेंका।
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि हालात काबू में हैं। एएसपी माजिद खान ने कहा, “स्थिति शांतिपूर्ण है, कहीं कोई बड़ी घटना नहीं हुई है।”
हुमायूं कबीर ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से हो और हर कोई मतदान में हिस्सा ले।” इसके अलावा, डोमकल विधानसभा क्षेत्र के रायपुर गांव में कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि सुबह से ही हथियारबंद लोग इलाके में मौजूद हैं, जिससे डर का माहौल बना हुआ है।
इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने मुर्शिदाबाद के डोमकल क्षेत्र में कुछ लोगों को मतदान से रोकने के आरोपों पर रिपोर्ट तलब की है। राज्य में इस बार तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। तृणमूल लगातार चौथी बार सत्ता में लौटने की कोशिश में है, जबकि बीजेपी सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ मैदान में है।
चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।
