युवाओं के लिए बेहतर भविष्य, चिराग पासवान हैं करोडों युवाओं के लिए आईकॉन: श्री प्रणव कुमार
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: नई शिक्षा नीति का उद्देश्य युवाओं को केवल डिग्री नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल और आत्मनिर्भरता प्रदान करना है, ताकि वे बदलती दुनिया की चुनौतियों का सामना कर सकें। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत 2047 की संकल्पना के संदर्भ में लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री प्रणव कुमार ने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से बच्चों और युवाओं को बेहतर अवसर और नई सहूलियतें मिल रही हैं। इससे शिक्षा अधिक लचीली, व्यावहारिक और कौशल आधारित बन रही है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में देश में सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की भावना के साथ हर वर्ग के हितों का ध्यान रखा जा रहा है। आज सरकार की नीतियों का केंद्र युवा, शिक्षा, रोजगार और अवसरों का विस्तार है, जिससे देश का भविष्य मजबूत हो रहा है।
अपने संबोधन में लोजपा नेता श्री प्रणव कुमार ने कहा कि समतामूलक समाज को लेकर हमारे नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय श्री रामविलास पासवान जी ने आजीवन काम किया। आज उनकी नीतियों को हमारी पार्टी के अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री श्री चिराग चिराग पासवान जी आगे बढा रहे हैं। वे युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने अपनी मेहनत, समर्पण और दृढ़ संकल्प से अपने लक्ष्य हासिल किए हैं। अपने संबोधन में लोजपा नेता ने इस बात पर जोर दिया कि आज आवश्यकता है कि देश के युवा मेहनत, अनुशासन और सेवा भावना के साथ आगे बढ़ें और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
श्री प्रणव कुमार राजधानी नई दिल्ली में आयोजित “विजन 2030 : एजुकेशन एंड बिजनेस लीडरशिप समिट” के दौरान बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर शिक्षा, व्यवसाय और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े कई विशिष्ट व्यक्तियों को मानद डॉक्टरेट उपाधि तथा अन्य सम्मान प्रदान किए गए। पटना और नई दिल्ली में कार्यरत द बिलिएंट बिहार कोचिंग को भी उनके हाथों सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए शिक्षाविदों, उद्योगपतियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा शिक्षा और व्यवसायिक नेतृत्व से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम का आयोजन ईडीआरएफ, फेम फाइंडर मीडिया ने सीएसआर रिसर्च फाउंडेशन के सहयोग से किया। समिट में वक्ताओं ने शिक्षा और उद्योग जगत के बीच संवाद को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं को नई दिशा देने का संदेश भी दिया। आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि ऐसे मंच भविष्य में भी समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।
