बिहार विधानसभा चुनाव: एनडीए ने दिखाई मजबूत बढ़त, महागठबंधन पिछड़ा
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी है और शुरुआती रुझानों में एनडीए ने स्पष्ट बढ़त बना ली है। सुबह 9:30 बजे तक के चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, एनडीए 151 सीटों पर आगे चल रही है, जो सरकार गठन के लिए आवश्यक 122 के बहुमत के आंकड़े से काफी अधिक है। वहीं, महागठबंधन 70 सीटों पर आगे है, जबकि अन्य दल 10 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार पार्टीवार रुझान (सुबह 9:30 बजे तक)
भाजपा: 25 सीटों पर आगे
जदयू: 16 सीटों पर आगे
कांग्रेस: 3 सीटों पर आगे
राजद: 10 सीटों पर आगे
लोजपा (राम विलास): 5 सीटों पर आगे
अन्य: वाम दल 1, प्लुरल्स पार्टी 1, हम 1 सीट पर आगे
101–101 सीटों पर भाजपा बनाम जदयू की टक्कर
एनडीए गठबंधन की रणनीति इस बार काफी दिलचस्प रही। भाजपा और जदयू दोनों ने समान संख्या में—101–101—सीटों पर चुनाव लड़ा। इस संतुलित बंटवारे ने जहां गठबंधन की एकजुटता दिखाई, वहीं कई सीटों पर दोनों दलों के मजबूत कैडर के बीच कड़ा मुकाबला भी देखा गया।
लोजपा (राम विलास) को 29 सीटें, राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 6 और हम को भी 6 सीटें दी गईं, जिससे एनडीए का राजनीतिक नेटवर्क और व्यापक हो गया।
रुझानों से यह स्पष्ट है कि एनडीए कई अहम सीटों पर मजबूत प्रदर्शन कर रही है और राज्य की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति के रूप में उभर रही है।
बिहार के चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो यह परिवर्तन बेहद उल्लेखनीय है। 1985 में 63 लोगों की मौत हुई थी और 156 बूथों पर पुनर्मतदान हुआ। 1990 के चुनाव में हिंसा और अनियमितताओं के चलते 87 जानें गईं। 1995 में स्थिति इतनी खराब हुई कि तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एन. शेषन को चार बार चुनाव स्थगित करने पड़े। 2005 में 660 बूथों पर री-पोल हुआ।
