बिहार चुनाव 2025: शुरुआती रुझानों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी, एनडीए को 200 से ज्यादा सीटों पर बढ़त
चिरौरी न्यूज
पटना: बिहार की हालिया राजनीतिक इतिहास की सबसे कड़ी टक्कर वाले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शुरुआती दौर में ही निर्णायक बढ़त बना ली है। चुनाव आयोग से मिले प्रारंभिक रुझानों के अनुसार, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) लगभग 200 सीटों पर आगे चल रहा है, जो कि बहुमत के लिए आवश्यक 122 सीटों से काफी अधिक है।
इन रुझानों में बीजेपी अकेले 94 सीटों पर अग्रणी है—जो पिछले 45 वर्षों में पार्टी का बिहार में सबसे मजबूत प्रदर्शन माना जा रहा है।
ऐतिहासिक संदर्भ में बड़ा बदलाव
इन आंकड़ों को बिहार के पिछले चुनावी रिकॉर्ड से तुलना करें तो यह बदलाव बेहद महत्वपूर्ण है।
2010 में एनडीए (जदयू-बीजेपी गठबंधन) ने 206 सीटें जीतकर ऐतिहासिक सफलता दर्ज की थी।
2015 में तस्वीर पूरी तरह बदल गई, जब महागठबंधन के उभार के बीच बीजेपी सिर्फ 53 सीटों पर सिमट गई।
2020 में मुकाबला बेहद करीबी रहा—एनडीए 125 और महागठबंधन 110 पर रहा। उस चुनाव में आरजेडी 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि बीजेपी 74 पर रही। जदयू की ताकत घटकर 43 सीटों तक रह गई।
लेकिन 2025 के रुझान इस पैटर्न का बिल्कुल उलट संकेत दे रहे हैं—बीजेपी न सिर्फ खोया हुआ जनाधार वापस पाती दिख रही है, बल्कि वह आरजेडी और जदयू दोनों को भारी अंतर से पीछे छोड़ते हुए मुख्य राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरती दिख रही है।
बीजेपी का प्रदर्शन—चार दशक की यात्रा
बीजेपी का बिहार में ऐतिहासिक प्रदर्शन देखें तो:
2005 में 37 सीट
2000 में 67 सीट
1995 में 41 सीट
1990 में 39 सीट
1985 में 16 सीट
1980 में 21 सीट
इन सभी के मुकाबले 2025 के रुझान पार्टी को अभूतपूर्व बढ़त दिलाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
यदि रुझान परिणामों में बदलते हैं, तो यह बिहार में बीजेपी का अब तक का सबसे दमदार एकल प्रदर्शन हो सकता है। एनडीए के भीतर पावर-बैलेंस बदल सकता है, जिससे गठबंधन की भविष्य की रणनीति पर भी गहरा प्रभाव पड़ेगा।
